हफ्ता भर पहले 28 जुलाई को रिज मैदान में शुरू की गई वाटर एटीएम स्कीम हांफ गई है। पानी की बोतलों का स्टॉक खत्म है। 50 रुपये वाले कार्ड तो बन रहे हैं पर 100 रुपये वाले कार्ड की योजना को बंद कर दिया है। नकद राशि देकर भी पानी पीने वालों को गिलास नहीं दिए जा रहे। लोग वाटर एटीएम पर हाथ में पानी भरकर पीने को मजबूर हैं।
28 जुलाई को मुख्यमंत्री ने रिज मैदान पर राज्य के पहले वाटर एटीएम का उद्घाटन किया था। अब तक 400 से अधिक लोगों ने यहां वाटर एटीएम कार्ड बनवा लिए हैं लेकिन सोमवार से 100 रुपये की योजना को बंद कर दिया है। एटीएम में तैनात कर्मी के पास पानी की विशेष तरह की बोतलों का स्टॉक भी खत्म हो चुका है।
कार्ड बनवाने आ रहे लोगों को 50 रुपये का कार्ड ही दिया जा रहा है। 50 रुपये के कार्ड में 50 लीटर पानी का बैलेंस दिया जा रहा है। नकद राशि देने पर 50 पैसे में गिलास के साथ एक लीटर पानी देने की योजना भी बंद हो गई है।
गिलास नहीं हैं। नकद राशि देने वाले लोगों को अपनी बोतलें लानी पड़ रही हैं। जिनके पास बोतल नहीं है, उन्हें वाटर एटीएम के नल से हाथ में भरकर पानी पीना पड़ रहा है। मशीन को स्थापित करने के समय शहरवासियों को सभी सुविधाएं देने का दावा किया था लेकिन हफ्ते में ही दावे की हवा निकल गई है।
पीरामल सर्व जल कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि प्रवीण कुमार का कहना है कि कुछ लोगों ने बोतल के रेट को लेकर आपत्ति जताई है। इसके चलते बोतल नहीं दी जा रही है। जिन लोगों को बोतल चाहिए, उनके फोन नंबर नोट कर रहे हैं।
50 लोगों की डिमांड होते ही बोतलें उपलब्ध करवा दी जाएंगी। कंपनी की ओर से 100 रुपये देने वालों को फोन किए जाएंगे। नकदी देकर पानी पीने वालों को गिलास देने का कंपनी का वादा है लेकिन गिलास रखने को जगह नहीं मिल रही है। जगह का बंदोबस्त होते ही गिलास मुहैया करवा देंगे।