पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के प्रभाव से हिमाचल का फार्मा उद्योग में भी अछूता नहीं रहा। फार्मा उद्योग इस समय कच्चे माल की भारी कमी और बढ़ती कीमतों के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। कच्चे माल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं सप्लाई में आ रही दिक्कतों के चलते उद्योगों को उत्पादन बनाए रखना मुश्किल हो गया है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में फैक्ट्रियों को सुचारू रूप से चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। कच्चे माल की उपलब्धता कम होने और कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उत्पादन लागत में भारी इजाफा हो रहा है। कच्चे दाम के लगभग 40 से 50 प्रतिशत दाम बढ़ गए हैं।