हिमाचल प्रदेश में उपभोक्ताओं को अब गैस सिलिंडर मौके पर ही तोलकर दिए जाएंगे। गैस सप्लाई देने वाली गाड़ी में एजेंसी के कर्मचारी के पास सिलिंडर तोलने की मशीन रहेगी। यह कर्मचारी उपभोक्ता को मौके पर सिलिंडर तोलकर देगा। सिलिंडरों में कम गैस होने की शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
सिलिंडर में कम गैस पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को जुर्माने के साथ उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। खाद्य नागरिक, उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी गैस एजेंसियों को इस बारे आदेश जारी कर दिए हैं। घरेलू गैस सिलिंडर में 14.2 किलोग्राम गैस होना अनिवार्य है।
सरकार ने खाद्य आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी लगातार गैस सिलिंडरों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। गोदामों में इनकी जांच के बाद होटलों और ढाबों में भी जांच करने को कहा गया है। छोटा शिमला में गैस सिलेंडरों का भाड़ा ज्यादा वसूलने का मामला सामने आ चुका है।
विभाग ने इस संबंध में थाने में मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा विभाग ने शहरों में छापामारी की है। इसमें कई सिलिंडरों में गैस कम निकली है। खाद्य आपूर्ति मंत्री ने भी विभाग को ऐसी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल में उपभोक्ताओं को मौके पर तोलकर गैस सिलिंडर दिया जाएगा। गैस एजेंसियों को इसके बारे में आदेश जारी किए गए हैं। अगर कोई कंपनी सिलिंडर तोलकर नहीं देती है तो उपभोक्ता खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के पास शिकायत कर सकते हैं।
- मदन चौहान, निदेशक, खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग