नदी-नालों के किनारे सतर्कता बढ़ाई
जिला कुल्लू के आनी में बखनाओं, बुआंदा गांव निवासी 70 वर्षीय शिव राम शुक्रवार दोपहर को च्वाई की ओर पैदल जा रहे थे। अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सोलन के कुनिहार में गंबरपुल-सरली मार्ग पर मलबा गिरने से इनोवा कार उसकी चपेट में आ गई। हादसे में स्थानीय पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है। बारिश से रावी, ब्यास, पार्वती और सतलुज नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे सतर्कता बढ़ा दी है।
शिमला में भार बारिश से जनजीवन प्रभावित
राजधानी शिमला में गुरुवार सुबह से शुरू हुई भारी बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। रामपुर में गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से सड़क का एक हिस्सा बह गया, जिससे क्षेत्र की चौथी पंचायत का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया। चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग खड़ामुख के समीप चट्टान गिरने से चार घंटे तक बंद रहा। मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
शिमला-कालका फोरलेन को एहतियातन वन-वे करना पड़ा
सोलन में कुमारहट्टी के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण शिमला-कालका फोरलेन को एहतियातन वन-वे करना पड़ा। कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलवे ट्रैक पर बारिश के बीच गिरते पत्थर और मलबे के कारण बड़ोग और शोघी में ट्रेन काफी देर तक खड़ी रही। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। चंबा जिले के डलहौजी क्षेत्र में हरियाणा से घूमने आए पर्यटकों की कार पर अचानक एक पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि वाहन सवार पर्यटक सुरक्षित बच गए। वाहन को नुकसान पहुंचा है।
छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के छह जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में शनिवार को भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 14 जुलाई तक इन जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 16 जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
जटाैन बैराज से छोड़ा पानी
गिरि नदी का जलस्तर बढ़ने पर जटौन बैराज के सभी दस गेटों से पानी छोड़ा गया। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने पर पंडोह डैम से 38 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों को नदी -नालों के किनारे न जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है। सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरत पड़ने पर बस्तियों को खाली करने को कहें। सरकार ने पटवारियों और कानूनगो को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।