इस सप्ताह के अंत तक देवभूमि हिमाचल से मानसून के विदा होने का पूर्वानुमान है। वहीं, सोलन जिला में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे झमाझम बारिश हुई है। सड़क किनारे बैठे छोटे कारोबारियों को सामान समेटने तक का समय नहीं मिला। सड़कें पानी से लबालब हो गईं। हालांकि, लंबे अंतराल के बाद बारिश से लोगों को गर्मी से निजात मिली है। सूखे खेत भी तर हो गए हैं। किसानों को अगली फसलों की बुआई के लिए नमी मिल गई है।
दूसरी ओर, शिमला जिला के ननखड़ी के बेती गांव में शाम के समय ओलावृष्टि से सेब की 80 फीसदी फसल बरबाद हो गई है। तैयार सेब पर ओले गिरने से फलों में दाग पड़ गए हैं। राजधानी शिमला में भी दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में धूप खिली रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को प्रदेश के छह मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कुछ क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान जताया है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर और लाहौल स्पीति में मौसम साफ रहने के आसार हैं।
अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
ऊना 37.0
कांगड़ा 34.1
बिलासपुर 34.0
हमीरपुर 33.8
भुंतर 33.4
सुंदरनगर 32.9
चंबा 31.7
सोलन 31.2
धर्मशाला 28.6
शिमला 24.1