हिमाचल में बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम साफ हो गया है। हालांकि जनजातीय क्षेत्र लाहौल में भारी बर्फबारी के चलते रोहतांग दर्रा करीब पांच महीने के लिए बंद हो गया है।
अब एक मात्र हवाई सेवा ही जनजातीय लोगों के लिए आने जाने का विकल्प बचा है। हालांकि लाहौल प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति में केवल मरीजों को ही रोहतांग सुरंग निर्माण स्थल उतरी छोर से ही मनाली जाने के लिए सुविधा मुहैया की है।
उधर, लोगों की सुविधा के लिए लोक निर्माण विभाग सिस्सू ने हेलीपैड को जाने वाली सड़क से बर्फ हटाने कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया है। घाटी के भीतर भी संपर्क मार्ग भी बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। जिसके चलते लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक का सफर काफी मुश्किल हो गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
तीन दिन बर्फबारी और बारिश के बाद 21 दिसंबर तक मौसम विभाग ने मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। हालांकि तीन दिन की बर्फबारी और बारिश से ठंड बढ़ने के साथ ही अब शनिवार और रविवार को शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
विभाग ने यह चेतावनी मैदानी तथा निचले पर्वतीय क्षेत्रों के लिए जारी की है। हालांकि मौसम विभाग ने 18 दिसंबर को मतगणना वाले दिन मौसम साफ रहने की बात कही है।
ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी
शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहा लेकिन ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। इसके साथ ही शिमला में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा कल्पा में -2.8, धर्मशाला में 5.4, ऊना में 7.3, नाहन में 7.5, सोलन में 2.5, कांगड़ा में 4.4, मंडी में 6.0, बिलासपुर में 8.0, चंबा में 6.0, हमीरपुर में 7.6 और डलहौजी में 1.4 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। वहीं मनाली में शुक्रवार को भी पारा शून्य पर रहा जबकि केलांग में सबसे कम -7.0 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।