मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के पर्यटक और धार्मिक स्थलों पर मौसम की जानकारी देने के लिए वेदर डिस्प्ले एलईडी स्क्रीन लगाने का फैसला लिया है। प्रदेश भर में लगाई जाने वाले वेदर डिस्प्ले स्क्रीनों का कंट्रोल मौसम विज्ञान केंद्र शिमला में रहेगा। यहीं से हर जानकारी को अपडेट किया जाएगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि इस योजना पर कार्य जारी है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित लाहौल, डलहौजी, हमीरपुर के बाबा बालक नाथ मंदिर और कांगड़ा के चामुंडा मंदिर में वेदर डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएंगी। सैलानियों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए मौसम के एक सप्ताह का पूर्वानुमान उपलब्ध करवाने के लिए योजना पर काम शुरू हो गया है। प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों में पहले चरण में यह सुविधा दी जाएगी। सरकार की ओर से लगी डिस्प्ले स्क्रीनों में भी मौसम अपडेट को जोड़ा जाएगा। प्रदेश के मौसम में आने वाले हर छोटे और बड़े बदलाव से लोगों को अवगत करवाने के लिए यह सुविधा देने का फैसला लिया गया है। प्राकृतिक आपदाओं के चलते प्रदेश में काफी नुकसान होता है।
विज्ञापन
ऐसे में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के पर्यटक और धार्मिक स्थलों पर मौसम की जानकारी देने के लिए वेदर डिस्प्ले एलईडी स्क्रीन लगाने का फैसला लिया है। प्रदेश भर में लगाई जाने वाले वेदर डिस्प्ले स्क्रीनों का कंट्रोल मौसम विज्ञान केंद्र शिमला में रहेगा। यहीं से हर जानकारी को अपडेट किया जाएगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि इस योजना पर कार्य जारी है। जल्द ही लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी। राजधानी शिमला के मालरोड, जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे सहित पुलिस व अन्य विभागों ने कई जगह डिस्प्ले स्क्रीन लगाई हैं। सरकार से इस मामले को उठाकर मौसम की जानकारी इन्हीं स्क्रीन पर देने के लिए बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर वेदर डिस्प्ले स्क्रीनों को लेकर अगर प्रदेश में अच्छा रिस्पांस मिला तो अन्य जगहों पर ही इन्हें लगाने का विचार किया जाएगा।