सिरमौर जिले में हॉटस्पॉट घोषित लोहगढ़ में लोगों को राशन की डिलीवरी करते युवा।
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कोरोना वायरस के समूल नाश के लिए सिरमौर प्रदेश का पहला जिला बन गया, जहां बिना मास्क पहने घर से बाहर नहीं निकल सकते। बिना मास्क पहने कोई घर से बाहर निकला तो उसे वापस घर भेजा जाएगा। बार-बार ऐसा करने वालों पर मामला दर्ज होगा। जिला दंडाधिकारी सिरमौर डॉ. आरके परुथी ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) (2) के तहत यह आदेश जारी किए हैं।
इन आदेशों के तहत हर व्यक्ति को संक्रमण से बचने के लिए केवल आपातकालीन स्थिति में ही घर से निकलना होगा। दुकानदार जिन्हें कर्फ्यू में दी जाने वाली ढील के दौरान दुकान खोलने की अनुमति दी गई है, वे अपनी दुकान के बाहर निशान बनाकर ग्राहकों में कम से कम एक मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करवाना सुनिश्चित करेंगे। दुकानदारों को खुद भी मास्क पहनना होगा और आवश्यकता अनुसार हाथ धोने की व्यवस्था भी करनी होगी।
60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति जिनका रक्तचाप, मधुमेह या कैंसर जैसी बीमारी का इलाज चल रहा हो, उन्हें घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। धार्मिक स्थलों के पादरी, पुजारी, प्रबंधक, मौलवी को सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। इनमें एक महीने की रिकॉर्डिंग का डाटा स्टोरेज करने की क्षमता होनी चाहिए। घरों के भीतर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। जिला की सीमाएं बंद ही रहेंगी।
केवल मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी वस्तुओं को लाने व ले जाने की अनुमति होगी। अन्य राज्यों से आवश्यक वस्तुएं लाने और ले जाने वाले वाहन चालकों को मास्क पहनना होगा और जिला में प्रवेश से पहले वाहन सैनिटाइजेशन करवाना होगा। जिले में सभी सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन वर्जित रहेंगे। मजिस्ट्रेटियल ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, पुलिस कर्मी, इन आदेशों के अनुपालन में तैनात कर्मी और आवश्यक सेवाओं व स्वास्थ्य सेवाओं में लगे व्यक्ति व वाहनों को छूट रहेगी।