हिमाचल में इस साल मानसून सीजन सुस्त चल रहा है। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अभी तक सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। 24 जून को प्रदेश में मानसून ने दस्तक दी थी। 24 जून से 31 अगस्त तक प्रदेश में 535 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इस अवधि में सामान्य बारिश 635 मिलीमीटर मानी गई है। इस साल अगस्त में सामान्य से मात्र एक फीसदी ही अधिक बारिश हुई है। अगस्त में प्रदेश में 265 मिलीमीटर बारिश हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला से जारी रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में तीन दिन 10, 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश दर्ज हुई। पूरे मानसून सीजन में भारी बारिश के दस स्पैल हुए हैं। अगस्त में चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में सामान्य से कम बारिश हुई। चंबा में सामान्य से 38, किन्नौर 56, लाहौल-स्पीति 74, शिमला 15, सिरमौर 12 और सोलन में दो फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।
बिलासपुर में सामान्य से 57, हमीरपुर सात, कांगड़ा दो, कुल्लू 56, मंडी छह और ऊना में 19 फीसदी अधिक बादल बरसे। बीते साल अगस्त में प्रदेश भर में सामान्य से 24 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई थी। 2018 में पांच फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी।
साल 2012 से 2017 तक अगस्त में सामान्य से कम ही बारिश हुई। इस साल अगस्त में घुमारवीं में सबसे अधिक 13 अगस्त को 265 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। मानसून सीजन के दौरान बिलासपुर, कुुल्लू और ऊना जिले में ही सामान्य से अधिक बारिश हुई है। शेष सभी जिलों में बादल सामान्य से कम बरसे। उधर, अगस्त में सात अगस्त को ऊना में सबसे अधिक 37.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। 29 अगस्त को केलांग में सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।