मझोली से धमांदरी तक बिछ रही 1,715 मीटर लंबी पेयजल लाइन, छह माह में पूरा होगा निर्माण कार्य
20 एमएलडी क्षमता वाली है गिरि पेयजल योजना
लीकेज में रोज बर्बाद बह रहा लाखों लीटर पानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की दूसरी सबसे बड़ी पेयजल परियोजना गिरि की पाइपलाइन में लीकेज से लाखों लीटर पानी अब बर्बाद नहीं बहेगा।
पेयजल कंपनी इस परियोजना की पुरानी पाइपलाइन को बदलने जा रही है। इसका काम शुरू कर दिया है। अगले छह माह के भीतर यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नई लाइन बिछने से रोजाना करीब 15 से 20 लाख लीटर पानी की बचत होगी। पेयजल कंपनी के अनुसार धमांदरी से मझोली तक की 1715 मीटर लंबी पाइपलाइन बदली जा रही है। करीब 1260 मीटर लंबी लाइन बदली जा चुकी है। यहां 18 इंच की नई पेयजल लाइन बिछाई जा रही है। इस क्षेत्र में वर्तमान में बिछी पाइपलाइन कई जगह से टूट चुकी है। इससे रोजाना लाखों लीटर पानी जंगल में बर्बाद बहता है।
कई बार पाइपलाइन टूटने से ग्रामीणों की फसलें भी तबाह हो चुकी है। इसलिए यहां नई लाइन बिछाई जा रही है। 20 एमएलडी की क्षमता वाली गिरि परियोजना गुम्मा के बाद शहर की दूसरी सबसे बड़ी परियोजना है। साल 2007 में तैयार हुई इस परियोजना से इन दिनों 12 से 15 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है। पेयजल कंपनी के एजीएम पीपी शर्मा ने कहा कि गिरि की पुरानी पाइपलाइन बदली जा रही है। जल्द ही इसका काम पूरा किया जाएगा।
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सियोग में भी बिछ रही नई लाइन
शिमला की सबसे पुरानी पेयजल योजना सियोग में भी 2800 मीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जा रही है। इसका काम भी इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नई लाइन बिछने से इस परियोजना से बरसात में शहर को चार से पांच एमएलडी पानी मिल सकेगा। अभी जर्जर पाइपलाइन के कारण इस योजना से शहर को एक एमएलडी पानी ही मिल रहा है।
शहर में अभी तीसरे दिन ही मिलेगा पानी
शहर में इस माह तीसरे दिन ही लोगों को पानी की आपूर्ति होगी। पेयजल कंपनी के अनुसार गाद की स्थिति को देखते हुए अभी पानी के शेड्यूल में बदलाव नहीं किया जाएगा। तीसरे दिन ज्यादा समय तक लोगों को पानी की आपूर्ति दी जा रही है। बरसात के बाद शहर में नियमित आपूर्ति शुरू हो सकती है।