जल शक्ति विभाग न केवल नल से उचित मात्रा में जल उपलब्ध करवा रहा हैै, बल्कि जल की शुद्धता पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। शुद्ध पेयजल देने की दिशा में जल शक्ति विभाग के 14 जिला स्तरीय और 42 उपमंडल स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं।
प्रदेश के हर घर में जुलाई तक नल लग जाएगा। प्रदेश सरकार के प्रयासों से जल शक्ति विभाग ने पिछले दो साल में 7.93 लाख घरों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध करवाया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2022 तक हिमाचल के हर घर में नल से जल देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। देश के सबसे ऊंचाई पर स्थित प्रदेश के पोलिंग स्टेशन टाशीगंग गांव को नल से जल सुविधा उपलब्ध करवाई है।
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जल शक्ति विभाग न केवल नल से उचित मात्रा में जल उपलब्ध करवा रहा हैै, बल्कि जल की शुद्धता पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। शुद्ध पेयजल देने की दिशा में जल शक्ति विभाग के 14 जिला स्तरीय और 42 उपमंडल स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 37 प्रयोगशालाओं को राष्ट्रीय मानकों के आधार पर एनएबीएल से प्रमाणिकता मिल चुकी है।
एक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है, जिसमें जल नमूनों के राष्ट्रीय ब्यूरो मानक के हिसाब से सभी भौतिक रसायनिक और जीवाणु परीक्षण किए जाएंगे। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में हर घर को नल से जल जुलाई 2022 तक देंगे।
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दो साल में 3.71 लाख जल नमूनों का परीक्षण किया
पिछले दो साल में 3,71,080 जल नमूनों का परीक्षण किया गया। राज्य सरकार के स्वर्णिम जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला में जल शक्ति विभाग जल गुणवत्ता और संरक्षण थीम पर विभिन्न कार्यक्रम करवा रहा है। जल नमूनों के परीक्षण को और अधिक बढ़ाने के लिए वर्ष 2021 के जून और अक्तूबर में एक अभियान चलाया गया। इसमें केवल इन दो महीनों में कुल 64,701 जल नमूनों के परीक्षण प्रयोगशालाओं में और 54,394 जल नमूनों का परीक्षण फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से किए गए।