एक चौथाई शहर में पीने के पानी की सप्लाई करने वाली अश्वनी खड्ड पेयजल योजना का जल स्तर घट गया है। खड्ड के जलस्रोतों से 20 प्रतिशत कम पानी मिलने की बात आईपीएच महकमे ने की है। इस कारण पेयजल योजना में पंपिंग प्रभावित हो रही है। पानी की मात्रा घटने से दो से तीन एमएलडी पानी की पंपिंग कम हो रही है। इसके चलते छोटा शिमला शिमला जोन में पानी की किल्लत शुरू हो गई है।
मंगलवार शाम और बुधवार सुबह छोटा शिमला जोन के तहत पानी की सप्लाई नहीं हुई। आईपीएच महकमे का कहना है कि बारिश नहीं होने से समस्या बढ़ी है। अश्वनी खड्ड में पानी सूखने से 20 प्रतिशत की कमी आई है। अश्वनी खड्ड पेयजल योजना का मुख्य जलस्रोत कैचमेंट एरिया है। कैचमेंट एरिया में आसपास के क्षेत्रों से नालों का पानी आता है।
खड्ड में पानी सूखने और बारिश नहीं होने के चलते आने वाले दिनों में छोटा शिमला जोन में पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ेगा। आईपीएच से कम सप्लाई मिलने से नगर निगम ने भी छोटा शिमला जोन में पानी की अघोषित राशनिंग कर दी है। एक दिन छोड़कर जोन के तहत पानी की सप्लाई हो रही है। अब सप्लाई घटने से लोगों को और जलसंकट झेलना पड़ेगा।
खुल गई आईपीएच की पोल
आईपीएच का शहर में पीने के पानी की कहीं भी कमी
नहीं होने के दावे की 24 घंटों में पोल खुल गई है। अमर उजाला में बीते दस
दिन के दौरान पानी की किल्लत की खबरें प्रकाशित होने के बाद विभाग ने प्रेस
नोट जारी कर बड़े-बड़े दावे किए थे। विभाग ने कहा कि हमारी ओर से पानी की
सप्लाई में कोई कमी नहीं है। वितरण के क्षेत्र की खामियों के चलते ही पानी
की सप्लाई में कट लग रहे हैं। लेकिन बुधवार को विभाग ने अश्वनी खड्ड में दो
से तीन एमएलडी सप्लाई घटने की बात कही।
दो एमएलडी पानी की हुई है कमी : विनोद
आईपीएच
के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने कहा कि अश्वनी खड्ड में पानी की कमी हो
गई है। 20 प्रतिशत पानी की कमी हुई है। पेयजल योजना से नगर निगम को पहले
10 एमएलडी पानी दिया जाता था। अब दो एमएलडी पानी की कमी हुई है। आठ एमएलडी
पानी दिया जा रहा है। तीन पंपों की जगह दो ही पंप काम कर रहे हैं।
कम सप्लाई पर लगाना पड़ रहा कट : विजय
निगम
अभियंता विजय गुप्ता ने कहा कि इन दिनों शहर में 45 एमएलडी पानी की
आवश्यकता है। आईपीएच से कम सप्लाई मिलने के चलते कुछ क्षेत्रों में विवश
होकर कट लगाना पड़ रहा है। अश्वनी खड्ड से 7 से 8 एमएलडी पानी मिल रहा है।