राजधानी में पब्लिक को मिलने वाले पानी में भी खेल चल रहा है। आशंका यहां तक जताई जा रही है कि पब्लिक के हिस्से के पानी को किसी दूसरी जगह ही बांटा जा रहा है। पानी के इस खेल में आम आदमी परेशान है। निगम का दावा है कि रोज आधे शहर को 35 से 40 एमएलडी तक पानी दिया जा रहा है, इसमें टाइमिंग भी बढ़ा दी गई है।
शिमला में राशनिंग के चलते लोगों को पानी की किल्लत से दो-चार होना पड़ रहा है। शहर में तीसरे दिन पानी की सप्लाई हो रही है। पानी की डिमांड 40 से बढ़ कर 45 एमएलडी प्रतिदिन हो गई है। एमसी का तर्क है कि आईपीएच इन दिनों 35 से 40 एमएलडी पानी ही शहर को दे पा रहा है। डिमांड के मुताबिक सप्लाई न मिलने के कारण राशनिंग का फैसला लिया गया है।
टूरिस्ट सीजन के चलते शहर में पानी की खपत बढ़ गई है। वीक एंड पर शहर के 400 से अधिक होटल पैक हैं। हजारों सैलानी शिमला पहुंचे हुए हैं। नगर निगम की माने तो उसके पास पानी की सप्लाई के लिए मात्र दो टैंकर हैं, इन टैंकरों से डिमांड के मुताबिक मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे का पानी की सप्लाई की जाती है, समय बचे तो कॉमर्शियल डिमांड पर भी टैंकर भेज दिए जाते हैं।
ऐसे में जब राशनिंग के दौरान शहर के आम लोगों के साथ- साथ होटलों को भी तीसरे दिन पानी की सप्लाई दी जा रही है। दो टैंकरों से शहर के होटलों को पानी की सप्लाई देना संभव नहीं तो आखिर कैसे होटल हजारों सैलानियों की पानी की मांग पूरी कर रहे हैं। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि नगर निगम के पानी को शहर के होटलों तक पहुंचाने के लिए कहीं कोई तीसरी व्यवस्था तो काम नहीं कर रही। यह जांच का विषय है।
शनिवार को 27 पानी टैंकरों की सप्लाई- शुक्रवार 26 जून को नगर निगम के पास 25 टैंकरों की डिमांड आई, इसमें से 19 टैंकरों की सप्लाई दी गई। शनिवार को 27 टैंकरों की डिमांड आई और 20 टैंकर रवाना किए गए। रविवार को शाम 4 बजे तक 20 टैंकरों की डिमांड आई थी और डिमांड के आधार पर टैंकर रवाना करने का क्रम जारी था। नगर निगम की माने तो उसके पास पानी की सप्लाई के लिए मात्र दो टैंकर हैं, दो टैंकरों से शहर के होटलों को पानी की सप्लाई देना संभव नहीं तो आखिर कैसे होटल हजारों सैलानियों की पानी की मांग पूरी कर रहे हैं।
नगर निगम ये दे रहा है तर्क- शहर में पानी की डिमांड 45 एमएलडी है। बीते 15 दिन से 35 से 40 एमएलडी ही पानी मिल रहा है। आठ से दस एमएलडी पानी की कमी के कारण ही राशनिंग का फैसला लेना पड़ा है। टूरिस्ट सीजन के कारण डिमांड और अधिक बढ़ गई है। शहर के लिए पानी की सप्लाई जैसे ही 45 एमएलडी हो जाएगी और टूरिस्ट का रश घट जाएगा तुरंत राशनिंग बंद कर रोजाना सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
हाउस में गूंजेगा मीटर रीडिंग पर पानी बिल का मुद्दा- नगर निगम की मासिक बैठक आज उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता निगम महापौर संजय चौहान करेंगे। मीटर रीडिंग पर पानी के बिल जारी करने की नगर निगम की योजना पर बैठक में हंगामा होने के आसार है। नगर निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर निगम के दो वार्डों में मीटर रीडिंग पर पानी के बिल जारी करने की योजना बनाई थी।
तय किया गया था कि सैहब सोसायटी के कर्मचारी घर घर पानी के बिल पहुंचाएंगे। बाकायदा निगम के अधिकारियों की ओर से इसकी घोषणा भी कर दी गई थी। सूत्र बता रहे हैं कि सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने घर घर बिल पहुंचाने से साफ इंकार कर दिया है। बिल देने के एवज में निर्धारित की गई राशि से सोसायटी के कर्मचारी संतुष्ट नहीं है। निगम ने अब शहर की ही एक कंपनी को मीटर रीडिंग कर पानी के बिल घर घर देने की योजना बनाई है।
निगम की बैठक में पाषर्दों से इस कंपनी को काम सौंपने की स्वीकृति ली जानी है। नगर निगम के पार्षद प्रशासन की इस योजना का विरोध कर सकते हैं। नए मीटर लगाने और पुराने मीटरों की मरम्मत का अतिरिक्त खर्चा शहर के आम लोगों पर पड़ने को लेकर पार्षद योजना का विरोध कर सकते हैं। पार्षद प्राथमिकता की योजनाओं के लिए बजट उपलब्ध न करवाने का मामला भी बैठक में गूंजेगा।
आज मासिक बैठक में भी गूंज सकता है मुद्दा- नगर निगम की सोमवार को होने वाली मासिक बैठक में भी पानी की किल्लत का मुद्दा गूंजने वाला है। पार्षदों का कहना है कि राशनिंग के बावजूद शहर में पानी का असमान वितरण किया जा रहा है। राशनिंग के बावजूद कुछ क्षेत्रों में चौथे से पांचवें दिन पानी आ रहा है, कुछ जगहों पर पानी का प्रेशर कम है तो कहीं टाइमिंग कम कर दी गई है। यह मुद्दा निहम के हाउस में उठेगा।
राशनिंग के बावजूद धड़ल्ले से भवन निर्माण- शहर में नगर निगम ने पानी की राशनिंग शुरू कर दी है। लोगों को जहां एक दिन छोड़ कर पानी मिल रहा है, वहीं दूसरी और शहर में धड़ल्ले से भवन निर्माण चल रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम जहां पानी की किल्लत का रोना रो रहा है वहीं भवन निर्माण के लिए भी पानी मुहैया करवाया जा रहा है।