सर्दियों में आधे शहर के खाली होने के बावजूद कई इलाकों में पेयजल संकट बरकरार है। खलीनी, बीयरखाना, सीपीडब्ल्यूडी कालोनी, ढिंगुधार और संजौली जैसे क्षेत्रों में चार से पांच दिन बीत जाने पर भी नलों में पानी नहीं टपक रहा है। नगर निगम लगातार 28 से 35 एमएलडी पानी की सप्लाई सभी परियोजनाओं से मिलने के दावे कर रहा है, बावजूद इसके लोग पानी के लिए तरसने को मजबूर हैं।
नगर निगम कई महीनों से तीसरे दिन बारी-बारी वार्डों में आपूर्ति कर रहा है। इसके बावजूद पेयजल संकट बराबर बना हुआ है। चुरट और कोटी बरांडी परियोजनाओं के सैंपल पास होने पर यहां से सप्लाई बहाल कर दी गई है। नगर निगम दावा कर रहा है कि शुक्रवार को शहर को इन दोनों परियोजनाओं सहित अन्य से कुल मिलाकर 35.5 एमएलडी पानी वितरण टैंकों तक पहुंचा है।
नगर निगम के सप्लाई और वितरण के दावों में विरोधाभास नजर आ रहा है। 35 एमएलडी पानी मिलने के बावजूद शहर में संकट का बरकरार रहना समझ से परे लगता है। नगर निगम के जल एवं सीवेज सर्क ल के अधिकारी यह तक नहीं बता पा रहे हैं कि वे अगले दिन कहां पेयजल आपूर्ति करेंगे।
वहां तैनात फील्ड स्टाफ की मानें तो टैंकों में स्टॉक में पर्याप्त पानी जमा नहीं हो पा रहा है। इसके लिए बर्फबारी, उसके बाद पाइप जमने को भी वजह माना जा रहा है। शनिवार को संजौली, इंजनघर, नवबहार, नार्थ ओक, शनान में नगर निगम पेयजल आपूर्ति करेगा। जबकि शुक्रवार को निगम बिहार, बीयरखाना, लोअर खलीनी, ब्रॉक हास्ट, छोटा शिमला, फ्लावरडेल, चौड़ा मैदान, कैथू,
कनलोग, बैमलोई, टिंबर हाउस, चक्कर, बालूगंज अनाडेल जैसे क्षेत्रों में आपूर्ति की गई है। नगर निगम अभियंता राजेश कश्यप का कहना है कि अब सभी पेयजल परियोजनाओं से सप्लाई शुरू हो गई है। निगम संकट वाले हर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नियमित रूप से देने का प्रयास कर रहा है। जहां से भी शिकायत मिल रही है, वहां पानी देने का प्रयास किया जाएगा।
किस परियोजना से मिला कितना पानी
परियोजना मिला पानी
गुम्मा 14 एमएलडी
गिरि 12 एमएलडी
कोटी बरांडी 6 एमएलडी
चुरट 2.6 एमएलडी
चेयड़ .9 एमएलडी
कुल 35.5
आधुनिक सुविधाओं से लैस संस्कृत कॉलेज भवन का निर्माण फरवरी से
राजधानी के फागली स्थित संस्कृत महाविद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य फरवरी में शुरू हो जाएगा। इसे डेढ़ साल में पूरा किया जाना है। आठ करोड़ के इस कॉलेज भवन के निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर इसे अवार्ड कर दिया गया है। पंद्रह दिनों में भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
भवन के बन जाने पर यह प्रदेश के बेहतरीन और हर तरह की सुविधा से लैस कॉलेजों में शुमार हो जाएगा। कई दशकों से किराए के भवन में चल रहे संस्कृत कॉलेज को अपना भवन मिल जाएगा। जिससे कॉलेज में कक्षाएं बिठाने के लिए पेश आने वाली समस्या हल होगी। साथ ही इसी भवन में प्राचार्य कार्यालय, सभागार व मल्टीपर्पज हॉल आदि की सुविधा होगी। जून 2016 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस कॉलेज भवन की आधारशिला रखी थी।
उस समय भवन निर्माण का यह प्रोजेक्ट पांच करोड़ का था, जिसमें बाद में नक्शे को संशोधित कर लिफ्ट समेत जरूरत के मुताबिक अन्य सुविधाएं जोड़े जाने पर इस प्रोजेक्ट को आठ करोड़ का कर दिया गया। कॉलेज प्राचार्य राम दत्त शर्मा ने बताया कि कॉलेज भवन का निर्माण जल्द शुरू होगा। लोनिवि ने काम को अवार्ड कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगले डेढ़ साल के भीतर कॉलेज नए भवन में शिफ्ट होने की उम्मीद है।
चूंकि इसके लिए सरकार और विभाग से बजट और भूमि सहित हर तरह की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब इस कार्य के रुकने की कोई वजह शेष नहीं रह गई है। वर्तमान में संस्कृत कॉलेज में अपना भवन न होने के कारण नगर निगम के किराए के भवन में चलाया जा रहा है। यहां रूसा लागू होने के बाद से कई विषयों की कक्षाएं चलाने के लिए कमरे तक पूरे नहीं पड़ रहे हैं। नगर
निगम के इस तीन मंजिला भवन की हालत भी खस्ता है। इसी कारण कॉलेज में छात्रों की संख्या 110 के करीब रह गई है। लोनिवि के एक्सईएन संजय गुप्ता ने माना कि करीब आठ करोड़ के इस कॉलेज भवन निर्माण कार्य को अवार्ड कर दिया गया है। ठेकेदार को काम शुरू करने को पंद्रह दिन का समय दिया गया है। इसमें सभागार, करीब 15 क्लास रूम और कार्यालय आदि का जरूरत के मुताबिक निर्माण किया जाना है।
गणतंत्र दिवस समारोह के लिए रिज पर कदमताल
राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर मनाए जाने वाले राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की परेड के लिए शुक्रवार से कदमताल शुरू हो गई है। इसमें पुलिस, आईटीबीपी, ट्रैफिक पुलिस अग्निशमन, गृह रक्षा, एसएसबी, आर्मी जवानों की टुकड़ियों के साथ ही प्रदेश भर के स्कूल-कॉलेजों के छात्र एनसीसी, एनएसएस और स्काउट एंड गाइड टुकड़ियों में रिहर्सल कर रहे हैं।
शुक्रवार को एसपी डीडब्ल्यू नेगी और एएसपी भजन देव नेगी सहित पुलिस के अन्य अधिकारियों ने रिहर्सल से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। देशभक्ति के गीतों की धुन पर कदमताल करते जवानों को देखने के लिए रिज पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी। 26 जनवरी तक यह रिहर्सल का सिलसिला चलेगा।
गणतंत्र दिवस समारोह के लिए पूरे प्रदेश भर से सौ एनएसएस वालंटियर शिमला के लालपानी स्कूल में राज्य आरडी कैंप में पहुंचे हैं। इसमें सिर्फ लाहौल स्पीति के छात्र शामिल नहीं हैं। कैंप राज्य समन्वयक दलीप सिंह राणा की देखरेख में चल रहा है। उधर, एनसीसी की परेड में शामिल होने के लिए लड़कों और लड़कियों में 33 जमा एक के रेशो से कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं।
हवलदार देव थापा और सीएचएम हेमंत कुमार, एएनओ संतोष कुमार और कमलेश कुमार की देखरेख में आरडी परेड के लिए 7 एचपी आई कंपनी के कैडेट्स शामिल हैं, वहीं आने वाले दिनों में गर्ल्स की सोलन कंपनी से भी कैडेट्स आएंगे। राज्य स्तरीय
समारोह की परेड में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश भर से स्टेट आरडी को चुने गए सौ रेंजर एंड रोवर शिमला पहुंचे हैं। राज्य मुख्यालय से सुप्रिया कंवर और रोहित ठाकुर की देखरेख में रिज मैदान पर इन रेंजर एंड रोवर ने रिहर्सल भी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यक्रम के लिए रेंजर और रोवर की 33-1 में छात्र चुने जाएंगे।
शिमला सिटी होगा वाई-फाई, टुटू में एक करोड़ से बिछेगी सीवरेज लाइन
शिमला शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में सुधार के लिए अमृत मिशन के तहत बजट का प्रावधान कर दिया गया है। टुटू वार्ड में नई सीवरेज लाइन को बिछाने के लिए 1 करोड़ रुपये अमृत हेड से खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा शिमला शहर को जोन वाइज वाई-फाई सुविधा देने की स्वीकृति दी गई।
महापौर संजय चौहान की अध्यक्षता में वित्त संविदा एवं योजना समिति की 14 वीं बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नगर निगम में नियुक्ति के बारे में प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बैठक में शशि शेखर, अनूप वैद और कांता आदि सदस्यों ने भाग लियां। समिति ने लगभग 3.50 करोड़ के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूर किया। इसके अलावा एसटीपी संजौली और मल्याणा के लिए 22 और 41 लाख की राशि खर्च की जाएगी।
एसटीपी स्नोडन को चलाने व रख-रखाव के लिए 82 लाख खर्च किए जाएंगे। यूएस क्लब गेट से जाखू मंदिर रोड़ को चौड़ा करने के लिए 11 लाख खर्च होंगे। एसटीपी स्नोडन अप्रोच रोड के निर्माण करने के बारे में 37 लाख का एस्टीमेट अमृत मिशन के तहत स्वीकृत किया गया है। न्यू शिमला सेक्टर -1 में निगम पार्क को लोकहित के कार्यक्रमों के लिए निशुल्क इस्तेमाल करने के बारे में भी स्वीकृति दी गई।
आईजीएमसी में तीन दिन में दूसरी चोरी, अब बुजुर्ग का कोट ले गए चोर
आईजीएमसी में चोर गिरोह सक्रिय हो गया है। यहां चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तीन दिन के भीतर अस्पताल में चोरी का दूसरा मामला सामने आया है। शातिर चोर बुजुर्ग की छोटी सी गलती का फायदा उठाकर कोट और उसमें रखे छह क्रेडिट कार्ड लेकर नौ दो ग्यारह हो गए।
इधर, पीड़ित व्यक्ति ने अस्पताल प्रबंधन को चोरी की शिकायत लिखित में दे दी है। प्रबंधन भी अपने स्तर पर चोर को ढूंढने का प्रयास कर रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में चोरी की घटनाएं बढ़ गईं हैं। शातिर चोर वहां आने वाले लोगों पर नजर रखे हुए हैं। छोटी सी गलती इन पर भारी पड़ रही है। ऐसा ही एक और मामला अस्पताल में सामने आया है।
शिमला का रहने वाला एक बुजुर्ग बीते दिनों अस्पताल की एसआरएल लैब में अपना ब्लड टेस्ट करवाने आया था। जैसे ही मरीज को ब्लड सैंपल लेने की बात कही गई तो बुजुर्ग ने कोट उतारकर बाहर रख दिया। लेकिन थोड़ी देर बाद जब मरीज बाहर आया तो उसके होश उड़ गए। बुजुर्ग का कोट वहां से गायब था। कोट में छह क्रेडिट कार्ड भी थे।
इधर बुजुर्ग ने बैंक में जाकर कार्ड को ब्लॉक करवा दिया है। जबकि अस्पताल प्रबंधन को भी शिकायत दी है। उधर अस्पताल प्रबंधन के डिप्टी एमएस डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि भी की है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन को शिकायत के अलावा बुजुर्ग ने पुलिस में भी एफआईआर दर्ज करवाई है।
अस्पताल में पर्ची बनाने के दौरान महिला अपना बैग काउंटर पर भूल गई थी। महिला के पर्स में साढ़े छह हजार रुपये थे। काउंटर पर बैग मिलने की सूचना के बाद इसे प्रबंधन के पास जमा करवा दिया गया। प्रबंधन ने महिला को ढूंढकर उसके पैसे लौटा दिए
गए। अस्पताल में मंगलवार को भी स्टाफ नर्स के पर्स से साढ़े तीन लाख रुपये का मंगलसूत्र चोर ले उड़ा है। इसका भी अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। अस्पताल में मौजूदा समय में 28 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बावजूद इसके चोरों का कोई सुराग नहीं लग पा रहा है।