प्रदेश में अब पानी के सैंपल एकत्र और जांच करने की समयावधि को बढ़ा दिया है। अब स्कूलों, घरों, पेयजल स्रोतों से पानी के सैंपल 31 जुलाई तक एकत्र किए जा सकेंगे। अब तक लिए गए पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट ठीक पाई गई है।
सरकार ने हिमाचल प्रदेश में अब पानी के सैंपल एकत्र और जांच करने की समयावधि को बढ़ा दिया है। अब स्कूलों, घरों, पेयजल स्रोतों से पानी के सैंपल 31 जुलाई तक एकत्र किए जा सकेंगे। अब तक लिए गए पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट ठीक पाई गई है। अन्य स्रोतों के सैंपल की जांच करने के लिए समयावधि को 31 जुलाई तक बढ़ाया गया है। घरों से एकत्र किए गए पानी के सैंपल का टारगेट 61 फीसदी पूर्ण कर लिया गया है। जलशक्ति विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 1 से 15 मई तक जल जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया था। इस अभियान के दौरान लैब टेस्ट के माध्यम से सार्वजनिक जल वितरण प्रणाली के पानी के 13,670 के नमूनों की जांच की गई। डिलीवरी प्वाइंट के तहत 9,037 गांवों में भी प्रत्येक गांव के 2 घरों से पानी के नमूनों की जांच की गई है।
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इसके अलावा फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से 12,975 स्कूलों एवं 13,327 आंगनबाड़ी केंद्रों से भी पानी के नमूने जांचे गए। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत कुल 27,340 सार्वजनिक जल वितरण क्षेत्रों को कवर किया गया। जल शक्ति विभाग का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक स्कूलों, अस्पतालों, पेयजल स्रोतों के सैंपल लिए जाएंगे। लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो, इसके चलते यह अभियान चलाया गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत पंचायत स्तर तक के लोगों को जल गुणवत्ता एवं इसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर ग्राम जल स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों तथा विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से जल गुणवत्ता एवं जल संरक्षण के प्रति आम जनता को जागरूक करना है।