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गिरि खड्ड के किनारे अवैध डंपिंग से शिमला से लेकर सोलन-सिरमौर तक जलसंकट

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गिरि खड्ड में भरी गाद। इस कारण सोलन और स‌िरमौर तक पेयजल योजनाएं ठप पड़ गई हैं।
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गिरि खड्ड के किनारे अवैध डंपिंग से शिमला से लेकर सोलन-सिरमौर तक जलसंकट
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शिमला। अवैध डंपिंग के कारण गिरि खड्ड में लगातार गाद आने से शिमला के बाद अब सोलन और सिरमौर जिले में भी पेयजल संकट खड़ा हो गया है। गाद के चलते पेयजल परियोजनाएं ठप होने लगी हैं।
नगर निगम शिमला ने अब इन सबके लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा दिया है। महापौर का कहना है कि यदि प्रशासन गंभीरता दिखाता तो डंपिंग रोकी जा सकती थी। शहर के लिए पेयजल सप्लाई ठप होने पर महापौर कुसुम सदरेट ने शुक्रवार को संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा और पेयजल कंपनी के अधिकारियों के साथ गिरि परियोजना का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पाया कि परियोजना से करीब एक किलोमीटर के दायरे में जगह-जगह अवैध डंपिंग की गई है। बारिश होते ही यह मलबा पानी में मिल रहा है। कई जगह डंपिंग से बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि डंपिंग के दौरान कई बार बिजली की एचटी लाइन टूट रही है जिससे पंपिंग बार-बार ठप हो रही है। बिजली बोर्ड ने भी इसकी शिकायत की है।
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गाद ने तोड़ा रिकॉर्ड, मशीनें बेबस
कंपनी के एजीएम राजेश कश्यप ने बताया कि गिरि में इस बार गाद रिकॉर्ड 9200 एनटीयू के स्तर को पार कर गई है। पंपिंग स्टेशनों में लगे ट्यूब सेटलर 4000 एनटीयू गाद को साफ कर पीने लायक बना सकते हैं। लेकिन गाद का स्तर इससे कई गुना ज्यादा है। आम दिनों में गिरि में गाद का स्तर 10 एनटीयू से भी कम रहता है। पंपिंग में लगे कर्मचारियों ने बताया कि आमतौर पर तेज बारिश के थोड़ी देर बाद गाद थम जाती है। लेकिन इस बार गाद थमने का नाम नहीं ले रही है। टैंक गाद से भर रहे हैं।
जिला प्रशासन से करेंगे बातचीत
नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि अवैध डंपिंग के कारण गिरि में गाद आ रही है। जिला प्रशासन को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। निगम इस बारे में प्रशासन से बात करेगा। शहरवासियों को परेशानी नहीं होने देंगे।
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सोलन-सिरमौर में भी गहराया संकट
शिमला। गिरि में गाद से सोलन और सिरमौर जिले में भी पेयजल संकट गहरा गया है। सोलन शहर के लिए गिरि से करीब 10 एमएलडी पानी लिफ्ट होता है। आईपीएच के अधिशासी अभियंता सुमित सूद ने बताया कि गाद आने पर सप्लाई घट रही है। अश्वनी से लिफ्टिंग बढ़ाई जा रही है। जिले में तीन सौ से ज्यादा स्कीमें प्रभावित हो रही हैं। सिरमौर में भी पेयजल योजनाएं हांफ रही हैं। कई योजनाओं में पानी तो लिफ्ट हो रहा है, लेकिन वह पीने योग्य नहीं है।
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