शिमला की तर्ज पर सूबे के पांच शहरी निकायों में जल प्रबंधन कंपनियां बनाने को लेकर शहरी विकास विभाग ने कवायद तेज कर दी है। धर्मशाला में तीन अगस्त को शहरी विकास विभाग एक कार्यशाला का आयोजन करेगा। कार्यशाला में शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना सहित विश्व बैंक और शिमला जल प्रबंधन निगम के दो-दो प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।
इसके अलावा नगर निगम धर्मशाला, नगर परिषद मंडी, कुल्लू, मनाली और डलहौजी के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यशाला में पांच शहरों में जल प्रबंधन कंपनियों के बनाने के बारे में प्रस्ताव रखा जाएगा। उधर, नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त प्रदीप ठाकुर ने कहा कि जल प्रबंधन कंपनी के गठन को लेकर तीन अगस्त को कार्यशाला रखी है।
सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार
पर्यटन की दृष्टि से सूबे के पांच शहरों को विकसित किया जा रहा है। इसलिए वहां पर जल प्रबंधन और सीवरेज व्यवस्था बेहतर करने पर काम किया जाएगा। शिमला की तर्ज तक जल प्रबंधन कंपनियों के गठन से सैकड़ों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
आगामी 30 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा काम
पांच शहरी निकायों में जल प्रबंधन कंपनियों का गठन आगामी 30 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। जल प्रबंधन कंपनियों के दायरे में शहरी निकायों के साथ लगते कुछ गांवों का भी चयन किया जाना प्रस्तावित है।