पंजाब में उगने वाली पी-89 हाइब्रिड मटर बीज की किस्म अब हिमाचल के खेतों में भी पैदा होगी। हाइब्रिड बीज को प्रदेश में लाने के लिए कृषि विभाग प्रयास कर रहा है। विभाग इस वर्ष दिसंबर तक पी-89 हाइब्रिड मटर बीज किसानों को उपलब्ध करवाने की योजना बना रहा है।
हिमाचल की मिट्टी और वातावरण को देखते हुए यह किस्म किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। विभाग इसे शिमला जिले के हर किसान को ट्रायल के तौर पर वितरित करेगा। यदि ट्रायल सफल रहा तो दिसंबर तक किसानों को यह बीज दिया जाएगा।
इस मटर की खासियत है कि इसकी फलियां बड़ी होंगी। इसका वजन भी अन्य मटर से ज्यादा होगा। इससे किसानों की आमद भी बढ़ेगी। बीज 60 दिन में तैयार होगा। इससे किसानों को ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उत्पादन भी अन्य मटर से कहीं ज्यादा होगा। तरह-तरह के मटर बीज के नाम पर किसानों से हो रही ठगी पर भी अंकुश लगेगा। मौजूदा समय में कृषि विभाग किसानों को तीन तरह लिंकन, अर्कल और आजाद पी-1 किस्म के बीज उपलब्ध करवा रहा है। यूपीएल की ओर से जीएस 10 हाइब्रिड किस्म का बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है।
शिमला में होगी ज्यादा पैदावार
कृषि विभाग की मानें तो पी-89 हाइब्रिड मटर बीज शिमला के वातावरण और मिट्टी की गुणवत्ता को देखकर किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगा। शिमला की मिट्टी और वातावरण पी-89 हाइब्रिड बीज की अच्छी पैदावार देगा।
जिला कृषि अधिकारी मोहेंद्र सिंह भवानी ने बताया कि किसान निजी कंपनियों के मंहगे बीज का इस्तेमाल कर अपनी पैदावार कम कर रहे हैं। विभाग पी-89 हाइब्रिड बीज को लाने का प्रयास कर रहा है। यह प्रयास सफल होता है तो किसानों के लिए वरदान साबित होगा।