राजधानी में गहरा सकता है जलसंकट, चाबा से पांच एमएलडी ही मिल रहा है पानी
सतलुज से पानी उठाने के लिए बिछाए जा रहे पाइप
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में आने वाले दिनों में पेयजल संकट गहरा सकता है। गिरि और गुम्मा के बाद अब सतलुज का पानी शिमला तक पहुंचाने वाली चाबा परियोजना से भी सप्लाई 50 फीसदी तक घट गई है।
10 एमएलडी की क्षमता वाली चाबा परियोजना से इन दिनों पांच एमएलडी से भी कम पानी शिमला के लिए लिफ्ट हो पा रहा है। चाबा परियोजना के जरिये नोटी खड्ड और सतलुज का पानी गुम्मा पहुंचता है। इसके बाद गुम्मा से शिमला के संजौली स्थित स्टोरेज टैंक में पहुंचता है। बारिश न होने से नोटी खड्ड अब सूखने की कगार पर है। सतलुज में भी जिस जगह से पानी उठाने के लिए पाइप बिछाए थे, उस जगह नदी का पानी अब खत्म होने लगा है।
मजबूरन कंपनी को नदी के अंदर तक अब नई पाइपलाइन बिछानी पड़ रही है। पेयजल कंपनी का कहना है कि सतलुज का जलस्तर 40 से 50 फीसदी तक घट गया है। इसलिए चाबा से पानी की सप्लाई घटी है। अतिरिक्त लाइन बिछाकर अब यहां से सप्लाई बढ़ाने की तैयारी है। एजीएम राजेश कश्यप ने बताया कि चाबा में पाइपलाइन बिछाकर सतलुज से ज्यादा से ज्यादा पानी उठाने का प्रयास है। नई पाइपलाइन लगाकर आठ एमएलडी तक पानी उठाया जा सकेगा।
70 करोड़ से तैयार की थी परियोजना
साल 2018 में राजधानी में हुए भीषण जलसंकट के बाद सरकार ने सतलुज का पानी शिमला पहुंचाने के लिए चाबा परियोजना तैयार की थी। इस पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सरकार की सख्ती के बाद रिकॉर्ड सात महीने में यह परियोजना तैयार की थी। गर्मियों में राजधानी की पेयजल परियोजनाएं सूखने पर चाबा से पानी लिया जाता है। आईपीएच की ओर से तैयार की गई यह परियोजना अब कंपनी के अधीन कर दी है।
टैंक की सफाई और मरम्मत
के चलते नहीं आया पानी
पेयजल कंपनी ने शुक्रवार को क्रेगनैनो स्टोरेज टैंक की सफाई की। इस दौरान मेयर सत्या कौंडल भी मौके पर मौजूद रहीं। टैंक की सफाई के चलते गुम्मा से शहर के लिए पानी की सप्लाई बंद रही। कंपनी ने इस दौरान दराबला के पास पेयजल लाइनों में मरम्मत का काम भी पूरा किया। सभी परियोजनाओं से शुक्रवार को 38.84 एमएलडी पानी की सप्लाई शहर को मिली है। यह सामान्य से करीब छह एमएलडी कम रही। इसके चलते चौड़ा मैदान, छोटा शिमला जोन के कई इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं दी गई।