घुमारवीं (बिलासपुर)। रावमापा छात्रा घुमारवीं में दो दिन में दो प्रधानाचार्यों की ज्वाइनिंग के बाद सरकार और विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। विभाग में सरकार का हस्तक्षेप इतना हो गया है कि विभाग को भी पता नहीं होता कि किसका तबादला करना है और किसका नहीं। सरकार का हस्तक्षेप इतना भारी पड़ा कि एक स्कूल में दो-दो प्रधानाचार्यों की नियुक्ति कर दी गई। हालांकि बाद में विभाग ने अपनी गलती को सुधारते हुए महिला प्रधानाचार्य को दूसरे स्कूल में ज्वाइनिंग करने के आदेश जारी कर दिए।
22 मार्च को महिला प्रधानाचार्य के मंडी के करसोग के ग्वालपुर स्कूल से घुमारवीं छात्रा स्कूल के लिए तबादले के आदेश हुए। लेकिन 30 मार्च को स्थानांतरण रद्द कर दिया गया। 31 मार्च को महिला प्रधानाचार्य के अपने आर्डर विड्रो करवाए और 1 अप्रैल को सुबह दस बजे बतौर प्रधानाचार्य घुमारवीं स्कूल में ज्वाइनिंग दे दी। लेकिन रावमापा छात्रा घुमारवीं में ही 2 अप्रैल को दूसरे प्रधानाचार्य ने अपनी ज्वाइनिंग दे दी।
महिला प्रधानाचार्य ने पहले ज्वाइनिंग दी लेकिन उसके आर्डर दूसरे स्कूल के लिए कर दिए गए। महिला प्रधानाचार्य को मंडी जिला के ग्वालपुर से बल्ग का घाट स्कूल में तबादला कर दिया गया है।
राजनीति में अच्छी पकड़ होने का फायदा दूसरे प्रधानाचार्य को मिला है। राजनीतिक हस्तक्षेप से महिला प्रधानाचार्य को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्हें इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बिलासपुर के स्थानीय मंत्री ही इस बारे में बता सकते हैं। वहीं शिक्षा विभाग बिलासपुर के उपनिदेशक उच्च राजकुमार ने बताया कि उच्चाधिकारी ही इस बारे में बता सकते हैं।