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हिमाचल में सूखे जैसी स्थिति: पेयजल योजनाओं में 20 फीसदी तक घट गया पानी, सरकार ने मांगा ब्योरा

Sat, 30 Nov 2024 10:23 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राज्य में कुल जलापूर्ति योजनाओं की संख्या 10,067 है, जबकि 41,835 हैंडपंप हैं। इनमें पानी का स्तर प्रभावित होने लगा है। 
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पेयजल योजनाओं में 20 फीसदी तक पानी घटा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लगातार दो महीने से बारिश न होने और सूखे जैसी हालात के बीच हिमाचल प्रदेश की पेयजल योजनाओं में 20 फीसदी तक पानी घट गया है। इससे राज्य के कई इलाकों में पेयजल सप्लाई भी प्रभावित होने लगी हैं। आगे भी अगर यही हालात रहे तो इससे न केवल सर्दियों में पेयजल की कमी सकती है, बल्कि अगले वर्ष की गर्मियों तक इसका असर नजर आ सकता है। राज्य में कुल जलापूर्ति योजनाओं की संख्या 10,067 है, जबकि 41,835 हैंडपंप हैं। इनमें पानी का स्तर प्रभावित होने लगा है। बरसात के बाद से सूखे जैसी स्थिति बन चुकी है।

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इसके बाद जलापूर्ति योजनाओं की स्टेटस रिपोर्ट लेने के लिए राज्य सरकार के जल शक्ति विभाग ने ब्योरा मांगा। उसके बाद फील्ड से आई प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कई योजनाओं में 20 प्रतिशत तक पानी की कमी दर्ज की गई है। जलशक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा ने कहा कि बारिश न होने से कई जगहों पर जलापूर्ति योजनाओं के स्रोतों में पानी की 5 फीसदी ताे कहीं 10 और कुछ जगह 20 फीसदी कमी भी दर्ज की गई है, मगर अभी कहीं से भी ऐसी रिपोर्ट नहीं आई है कि पेयजल की बड़ी किल्लत हुई हो। सोमवार को फील्ड से इस संबंध में ताजा रिपोर्ट ली जाएगी।
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पेयजल की बचत करने की अपील भी कर रहा विभाग
चंबा जिले में मौसम की मार से प्राकृतिक जलस्रोतों, नदी-नालों और खड्डों में 20 से 30 फीसदी पानी की कमी दर्ज की गई है। वहीं, कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी जिले की कुछ पेयजल योजनाओं में भी जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। जलस्तर में कमी आने से जलशक्ति विभाग की चिंताएं भी बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि अगर बारिश, बर्फबारी न हुई तो कुछ स्थानों पर पानी की किल्लत गहरा सकती है। जलशक्ति विभाग उपभोक्ताओं से अभी से पेयजल की बचत करने की अपील भी कर रहा है।
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