पांचवें दिन आ रहा है पानी
नेरीधार, गाहन में चौथे और पांचवें दिन पानी मिल रहा है। यहां हैंडपंप और बावड़ी भी नहीं है जिससे लोग पानी भर सके। मजबूरन पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है।
नरेंद्र ठाकुर, पूर्व पार्षद भट्ठाकुफर
पीने लायक पानी भी नहीं मिल रहा
टुटू में अब पीने लायक पानी भी नहीं मिल रहा। जलशक्ति विभाग से छठे-सातवें दिन सप्लाई मिल रही है। इसमें जिनके कंपनी के कनेक्शन हैं, उन्हें भी चौथे दिन पानी आता है। -जयचंद, टुटू
बंदरबांट रुके, सबको दो पानी
शहर में पानी का सही वितरण नहीं हो रहा। कुछ इलाकों में पांचवें दिन पानी आ रहा है तो कहीं तीसरे दिन। बंदरबांट रुकनी चाहिए। कंपनी को व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
-राकेश कुमार, टुटू
10 जून के बाद नहीं आया पानी
पंचायती क्षेत्र शकराला के ज्यादातर इलाकों में पेयजल कंपनी का पानी आता है। 10 जून से पानी नहीं आया। चौथे और पांचवें दिन भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
-अनिल सरस्वती, शकराला
चार साल बाद ऐसा संकट देखा
शहर में चार साल बाद ऐसा संकट देखने को मिल रहा है। लोगों को हजारों रुपये देकर टैंकरों से पानी मंगाना पड़ रहा है। सरकार को नियमित सप्लाई देने के लिए कदम उठाने चाहिए।
सुशील शर्मा, टुटू
कहां से कितना पानी मिला
परियोजना कितना मिला कितना मिलता था
गुम्मा 16.05 24 एमएलडी
गिरि 15.70 18 एमएलडी
चूरट 1.91 3 एमएलडी
सियोग 0.02 1 एमएलडी
चैड़ 0.60 2 एमएलडी
कोटी बरांडी 1.65 5 एमएलडी
राजधानी में कंपनी के कुप्रबंधन से शहर में चार साल बाद फिर पेयजल व्यवस्था टैंकरों के सहारे हो गई है। 36 एमएलडी की सप्लाई मिलने के बावजूद शहर की जनता को टैंकरों के सामने डिब्बे और बाल्टियां लेकर पानी भरना पड़ रहा है। नियमित सप्लाई देने का कंपनी का हर दावा फेल हो गया है। परियोजनाओं की व्यवस्था देखने, पंपिंग बढ़ाने और शहर में वितरण का जिम्मा कंपनी के जिन अफसरों पर है वह दिल्ली में बैठकर मंथन कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार 24 घंटे पानी देने के प्रोजेक्ट की डीपीआर दिल्ली में तैयार की जा रही है। एक हफ्ते से एजीएम और दो सहायक अभियंता दिल्ली में हैं। राजधानी में पानी का संकट न हो, इसके लिए हर गर्मी के मौसम में प्लान बनता था।
गिरि से सप्लाई न घटे, इसके लिए आसपास के जलस्रोतों को इसमें मिलाया जाता था। जेसीबी से गहराई में गया पानी पंपिंग स्टेशन तक पहुंचाते थे। गिरि के आसपास की कूहलें किसानों से बात कर कुछ समय के लिए बंद करवाई जाती थी। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। पार्षद भी कह रहे हैं कि जलशक्ति विभाग के अफसरों को ही यह जिम्मेदारी देनी चाहिए। शहर में पानी की सप्लाई में भी बंदरबांट का अंदेशा है। 46 एमएलडी से पूरे शहर को पानी दिया जा सकता है। लेकिन अब कंपनी 36 एमएलडी से आधे शहर में भी सप्लाई नहीं दे पा रही। शहर के खलीनी, टुटू, मज्याठ, भट्ठाकुफर, नेरीधार और चौड़ा मैदान क्षेत्र में पानी की ज्यादा समस्या है। खलीनी पार्षद पूरनमल ने कहा कि कंपनी के एजीएम फोन उठाने तक की जहमत नहीं उठाते। अब शिकायत किससे करें।
आज से फिर तीसरे दिन पानी का दावा
कंपनी ने मंगलवार से फिर से एक दिन छोड़कर पानी देने का दावा किया है। कंपनी का कहना है कि यह शेड्यूल लागू किया जाएगा। सोमवार को भी तय शेड्यूल के मुताबिक ज्यादातर इलाकों में पानी दे दिया है। मंगलवार को शहर के पंथाघाटी, सरघीण, न्यू शिमला, बीसीएस, निगम विहार, मजीठा हाउस, कनलोग, ऐरा होम, एसडीए, मैहली, गाहन, संजौली बाजार, इंजनघर, सांगटी, ढली बाजार, भराड़ी, कैलस्टन, लक्कड़ बाजार, यूएस क्लब, नाभा, फागली, टुटू, चक्कर, चौड़ा मैदान, रामनगर, फिंगास्क क्षेत्र में पानी दिया जाएगा।
पंचायती क्षेत्रों में ज्यादा संकट
शहर में तीसरे और चौथे दिन कंपनी पानी दे रही है। लेकिन मैहली, टुटू और मज्याठ में जलशक्ति विभाग के उपभोक्ताओं को छठे और सातवें दिन पानी दिया जा रहा है। इन इलाकों में लोग बावड़ी और हैंड पंप से पानी भरने को मजबूर हैं।