ट्रांसफार्मर में आई खराबी नहीं हुई ठीक, सतलुज योजना पूरी तरह से ठप, शहर के कई इलाकों में तीसरे दिन भी पानी नहीं
गिरि में भी आ रही गाद, सभी योजनाओं से रविवार को मिला सिर्फ 38 एमएलडी पानी, कंपनी ने दी पानी बचाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में अगस्त में अब पानी की राशनिंग जारी रहेगी। सतलुज पेयजल योजना को एक हफ्ते के भीतर बहाल करने का कंपनी का दावा फेल हो गया है। यही नहीं, गिरि परियोजना भी गाद के चलते ठप हो रही है। इसके चलते शिमला शहर के कई इलाकों में रविवार को तीसरे दिन भी देर शाम तक लोगों को पानी नहीं मिला।
कैथू, अनाडेल, कनलोग के कई इलाकों में तीसरे दिन भी रविवार देर शाम तक लोग पानी की आपूर्ति का इंतजार करते रहे। कंपनी के अनुसार सतलुज पेयजल योजना के दवाडा स्टेशन का बिजली ट्रांसफार्मर जल गया है। अभी इस स्टेशन को शुरू किए चार महीने ही हुए हैं कि ट्रांसफार्मर जल गया। कंपनी का कहना है कि यह ट्रांसफार्मर अब वारंटी की अवधि में है। ऐसे में बिजली बोर्ड इसे मुफ्त में दुरुस्त करके देगा। बोर्ड ने पहले एक अगस्त तक इसे ठीक करने का दावा किया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब इस ट्रांसफार्मर को बद्दी ले जाकर ठीक करवाने की तैयारी है।
उधर, कंपनी का कहना है कि ट्रांसफार्मर दोबारा स्थापित करने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। सतलुज पेयजल योजना शुरू किए बिना शहर में रोज पानी देना मुश्किल होगा। ऐसे में इस महीने लोगों को पानी का सोच समझकर ही इस्तेमाल करना होगा।
सतलुज ठप तो गिरि में गाद ने बढ़ाई परेशानी
शहरवासियों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि गिरि पेयजल परियोजना भी लगातार भारी गाद के कारण ठप हो रही है। शनिवार से इस परियोजना के ज्यादातर पंप बंद हैं। रविवार को भी पानी में गाद की मात्रा कम नहीं हुई है। सभी पेयजल योजनाओं से रविवार को 38 एमएलडी पानी की आपूर्ति हुई है। यह सामान्य से करीब दस एमएलडी कम है। राहत यह है कि गुम्मा परियोजना सुचारु है। गिरि में हर साल बरसात में भारी गाद आती है। इससे शहर में पानी का संकट गहराता है। हालांकि, इस बार कंपनी ने सतलुज पेयजल योजना शुरू होने से रोज पानी देने का दावा किया था लेकिन यह योजना भी बरसात में धोखा दे गई। सतलुज में गाद नहीं है लेकिन बिजली न होने के कारण पंपिंग ठप पड़ी है। कंपनी के सहायक अभियंता रंजीव शर्मा का कहना है कि गुम्मा सुचारु रूप से चल रही है। सतलुज पेयजल योजना को भी जल्द शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।