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Shimla: हिमाचल की राजधानी शिमला में लगेंगे 35 हजार स्मार्ट पेयजल मीटर, फ्री में बदलेगी कंपनी

Wed, 10 Aug 2022 05:40 PM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

शिमला में 35 हजार पेयजल उपभोक्ताओं के पानी के मीटर अब फिर बदले जाएंगे। नीले रंग के मीटरों की जगह अब नए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। कंपनी इन्हें फ्री में बदलेगी और शहरवासियों को इसका कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।
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पानी का मीटर(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 35 हजार पेयजल उपभोक्ताओं के पानी के मीटर अब फिर बदले जाएंगे। नीले रंग के मीटरों की जगह अब नए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। कंपनी इन्हें फ्री में बदलेगी और शहरवासियों को इसका कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। इसी साल शहर में नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू होने वाला है। शहर में 24 घंटे पानी देने के प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में यह मीटर बदले जाएंगे। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब पेयजल कंपनी ने इसका टेंडर कॉल कर लिया है। करीब 496 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया 31 अक्तूबर तक पूरा करने का टारगेट रखा है। कंपनी ने साल 2017 में भी शहर में पुराने मीटरों की जगह नीले रंग के नए मीटर लगाए थे। अब विश्वबैंक प्रोजेक्ट के तहत जो नए मीटर लगाए जाएंगे वह एएमआर (ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग) तकनीक से भी एडवांस होंगे।

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इन मीटरों के लगने के बाद हर महीने घर-घर जाकर रीडिंग लेने की जरूरत नहीं होगी। स्कॉडा सिस्टम के तहत यह कंपनी के कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे। यहां से बिल जारी होंगे। मीटर में छेड़छाड़ न हो सके इसके लिए भी प्रावधान रहेगा। पूरे शहर में एकसाथ मीटर नहीं बदलेंगे। जोन वाइज इन्हें बदला जाएगा। इसके अलावा सेंसर तकनीक से पेयजल लाइनों में होने वाली लीकेज चेक की जाएगी। कंपनी का दावा है कि शिमला प्रदेश का पहला शहर होगा जहां इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहले पुरी, सूरत जैसे शहरों में पेयजल व्यवस्था के लिए यह तकनीक अपनाई जा रही है। यह काम साल 2025 तक पूरा करने की योजना है।

बदली जाएंगी पेयजल लाइनें
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में पुरानी लाइनों की जगह नई पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। 70 फीसदी पुरानी लाइनों को बदलने का टारगेट रखा है। 200 किलोमीटर से ज्यादा लंबी लाइनें बदलने की योजना है। नई लाइनों में आधुनिक तकनीक के वॉल्व लगेंगे। शहर में सार्वजनिक नलकों पर भी पेयजल मीटर लगेंगे ताकि कुल खपत का सटीक आंकड़ा कंपनी को मिल सके। अभी सप्लाई का 25 फीसदी से ज्यादा पानी कहां जा रहा है, इसका कंपनी के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसमें लीकेज भी शामिल है।
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शहर में बनेंगे 40 स्टोरेज टैंक
प्रोजेक्ट के तहत शहर में 40 नए स्टोरेज टैंक बनाए जाएंगे। ज्यादातर एक एमएलडी से कम क्षमता वाले होंगे। इसके लिए वार्डों में जगह चिन्हित कर ली है। वार्डों में ही टैंक बनने से लोगों को समय पर सप्लाई देना संभव होगा।

कॉल कर दिया है टेंडर : जीएम
शहर में 24 घंटे पानी देने के प्रोजेक्ट का दूसरा टेंडर कॉल कर दिया है। इसमें नई पेयजल लाइनें बिछाने के साथ नए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। यह मीटर निशुल्क लगाए जाएंगे। अक्तूबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है।
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-अनिल मेहता, महाप्रबंधक पेयजल कंपनी

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