राजधानी में पानी के मीटर दुरुस्त नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट पर पानी बिल चुकाना होगा। राज्य सरकार ने राजधानी में पीने के पानी का फ्लैट रेट 250 रुपये प्रति माह तय किया है। 250 रुपये पर 15 प्रतिशत सीवरेज सेस भी देना होगा।
कुल मिलाकर घरेलू उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था लागू होने पर 287.50 रुपये का बिल प्रति माह चुकाना होगा। यही नहीं जिन उपभोक्ताओं के पानी मीटर ठीक होंगे उन्हें मीटर रीडिंग के आधार पर बिल मिलेगा।अक्तूबर 2012 में नगर निगम ने घरेलू उपभोक्ताओं से फ्लैट रेट पर पानी बिल लेना शुरू किया है।
इसके चलते तीन सालों के दौरान कई मीटर बंद भी हो गए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द मीटर बदलवाने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। मीटर ठीक होने पर ही उपभोक्ताओं को खपत के अनुसार पानी बिल मिलेगा। एमसी के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकेक ने उपभोक्ताओं से अपने पानी मीटर जांचने की अपील की है।
कहा कि नई व्यवस्था लागू से होने पहले सभी उपभोक्ता मीटर दुरुस्त करवा लें अन्यथा फ्लैट रेट पर पानी का बिल चुकाना पड़ेगा।
मीटर बदलने की प्रक्रिया - नगर निगम की जल शाखा में मीटर बदलने का प्रार्थना पत्र देना होगा। पत्र देने के साथ ही 50 रुपये मीटर जांच की फीस जमा करवानी होगी। बाजार से पानी का मीटर खरीदना होगा। करीब एक हजार रुपये में मीटर मिलेगा।
पानी मीटर को जांच के लिए निगम के सब्जी मंडी आफिस में जमा करवाना होगा। जांच के बाद नगर निगम की जल शाखा स्वयं उपभोक्ता के घर आकर मीटर बदल देगी।