जांच के लिए गठित कीं गईं खंड स्तरीय समितियां, नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों की होगी जांच स्कूलों को जल्द पंजीकरण करवाने के निर्देश
समितियां एक माह के भीतर करेंगी निरीक्षण संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में ईसीसीई एक्ट (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) के तहत पंजीकरण करवाए बिना नर्सरी और प्री-नर्सरी में दाखिले करने वाले स्कूलों को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
प्रशासन ने ऐसे स्कूलों को चेतावनी जारी करते हुए नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए खंड स्तरीय समितियों का गठन किया है। साथ ही सभी पात्र स्कूलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं। जिला शिमला के सभी पात्र निजी विद्यालय और ईसीसीई केंद्र विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने अधिनियम और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ न्यायालय के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए जिले के प्रत्येक विकास खंड में खंड स्तरीय समितियों का गठन किया है। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि महिला एवं बाल विकास विभाग को संबंधित केंद्र या विद्यालय से आवेदन प्राप्त होने के बाद गठित समिति एक माह के भीतर संस्थान का निरीक्षण और भौतिक सत्यापन करेगी। निरीक्षण के दौरान अधिनियम और नियमों के तहत निर्धारित आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक मानकों और अन्य प्रावधानों के अनुपालन की जांच की जाएगी। इसके बाद निरीक्षण रिपोर्ट आगामी अनुमति के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
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गौरतलब है कि अमर उजाला ने 5 नवंबर के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले पर संज्ञान लिया। शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल ने शिमला के सभी निजी विद्यालयों को अपने ईसीसीई केंद्रों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग या किसी अन्य बोर्ड से विद्यालय की मान्यता प्राप्त होना ईसीसीई अधिनियम के तहत अलग से पंजीकरण करवाने की अनिवार्यता का विकल्प नहीं है। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को सुरक्षित, अनुकूल, गुणवत्तापूर्ण और बाल-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है।
नए शैक्षणिक सत्र से पहले पूरी करें पंजीकरण प्रक्रिया
जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के सभी पात्र निजी विद्यालयों और ईसीसीई केंद्रों के संचालकों से पंजीकरण प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। संस्थानों को नए शैक्षणिक सत्र और प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले पंजीकरण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। विभाग ने संस्थान संचालकों को विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन समय रहते प्रस्तुत करने को कहा है।