इसे बचाए रखने को विभाग ने फीडिंग स्टेशन भी बनाए हैं। गिद्द किसी और जगह पलायन तो नहीं कर रहे, यह जानने के लिए विभाग ने गिद्दों में ट्रांसमीटर भी लगाए हैं। वन्य जीव विभाग मंडल हमीरपुर के डीएफओ कृष्ण कुमार ने कहा कि इस बार कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में गिद्दों के 387 घोंसले मिले हैं। घोंसलों में 352 चूजे मिले हैं। यह नतीजे उत्साहजनक हैं।
इस वर्ष गिद्दों के 387 घोंसले और 352 चूजे मिले हैं। इससे पूर्व वर्ष में 356 घोंसले मिले और 313 चूजे मिले थे। 2017 में गिद्दों के 337 घोंसले और 294 चूजे, 2016 में 307 घोंसले और 280 चूजे, 2015 में गिद्दों के 288 घोंसले और 269 चूजे मिले थे।
दुधारू पशुओं में दूध की क्षमता को बढ़ाने के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन का गिद्दों पर विपरीत असर पड़ रहा था। जानवर के मरने के बाद गिद्द जब उन्हें खाते तो उस दवा का विपरीत असर उन पर पड़ता है। इससे गिद्दों की मौत हो रही थी। इसी कारण गिद्दों की संख्या घटने लगी।