कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन पर रोक है, लेकिन हिमाचल के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के पैतृक गांव भमनोली में वॉलीबाल टूर्नामेंट का आयोजन करवा दिया गया। यही नहीं, बीते दिनों हुए इस टूर्नामेंट में शिक्षा मंत्री के बेटे अनुराग भारद्वाज ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत भी की। उन्होंने टूर्नामेंट के शुभारंभ पर खिलाड़ियों से हाथ मिलाया। इस दौरान किसी ने भी मास्क नहीं पहने थे। गौर हो कि प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में किसी से भी हाथ न मिलाने के निर्देश दे रखे हैं और मास्क न पहनने पर 5000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
प्रतियोगिता में दूरदराज से आई कई टीमों ने भाग लिया। आयोजन गांवों के युवकों ने मिलकर किया था। अब सोशल मीडिया पर स्पर्धा के आयोजन के फोटो वायरल हो गए हैं। कांग्रेस ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। शिक्षा मंत्री के पुत्र अनुराग भारद्वाज ने बताया कि वह अपने बगीचे को देखने गांव गया था। जब उनको सूचना मिली कि गांव में मास्क बांटे जा रहे हैं, तो वहां गए। वहां पर कुछ स्थानीय बच्चे खेल रहे थे, लेकिन कोई टूर्नामेंट का आयोजन नहीं था। भमनोली पंचायत के प्रधान संत राम ने बताया कि गांव में वॉलीबाल प्रतियोगिता के आयोजन को उन्होंने स्वीकृति नहीं दी थी। स्पर्धा के आयोजन के समय वह वहां उपस्थित नहीं थे।