प्रस्ताव अंतिम चरण में, कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के सरकारी महाविद्यालयों में कौशल आधारित शिक्षा को विस्तार देने की दिशा में अहम पहल शुरू हो गई है। राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा और आरकेएमवी शिमला में जल्द ही वोकेशनल कोर्स शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव संबंधित विभागों को भेजा जा चुका है और प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इन कॉलेजों में वर्तमान में केवल पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं लेकिन बदलते समय और रोजगार की जरूरतों को देखते हुए अब कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित वोकेशनल कोर्स में रिटेल मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी, आईटी और अन्य रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है। कुलपति महावीर सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता है। ऐसे में वोकेशनल कोर्स छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी प्रदान करेंगे जिससे उन्हें निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय संजौली में बीवोक पाठ्यक्रम पहले से संचालित हैं जहां रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी जैसे कोर्स छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी मॉडल को अब कोटशेरा और आरकेएमवी कॉलेजों में भी लागू करने की योजना है। इन कोर्सों के शुरू होने से शहर के अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा, खासकर उन विद्यार्थियों को जो पारंपरिक डिग्री के साथ-साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं। कॉलेज प्रशासन भी आवश्यक ढांचे प्रशिक्षकों और संसाधनों की तैयारी में जुटा हुआ है ताकि मंजूरी मिलते ही कक्षाएं शुरू की जा सकें। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो आगामी शैक्षणिक सत्र से इन दोनों कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स शुरू हो सकते हैं।