कंवर ने कहा कि हिमाचल कृषि प्रधान राज्य है। यहां कृषि गतिविधियों के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव सरकार ने केंद्र को भेजे हैं। हिमाचल प्रदेश बीजों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में नए बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना की आवश्यकता है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट की। कंवर ने तोमर को बताया कि हिमाचल प्रदेश के लिए 27.17 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, जिसे जल्द मंजूरी दी जाए। कंवर ने कहा कि हिमाचल कृषि प्रधान राज्य है। यहां कृषि गतिविधियों के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव सरकार ने केंद्र को भेजे हैं। हिमाचल प्रदेश बीजों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रहा है।
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इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में नए बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना की आवश्यकता है। सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 11.72 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत 10.34 करोड़ का प्रस्ताव दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए भेजा गया है। तिलहन फसलों के सुधारीकरण और प्रसार के लिए वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए 2.86 करोड़ भी मांगे हैं। कंवर ने कहा कि हिमाचल में बाजरा तथा लाल चावल उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 1.76 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी दिया गया है।
वीरेंद्र कंवर ने जिला मंडी के मोवेसेरी में गेहूं व अन्य बीजों की खरीद एवं भंडारण के लिए वित वर्ष 2021-22 में 49 लाख का प्रस्ताव दिया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से वीरेंद्र कंवर को केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने केंद्रीय पशु पालन राज्य मंत्री संजीव बालियान से भी भेंट की और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। कंवर ने कहा कि वीरवार को वह केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला से मिलेंगे।