पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर
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पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा है कि प्रदेश सरकार पहले दिन से ही हिमाचल को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने के लिए प्रयत्नशील है और इस दिशा में उठाए गए कदमों के सराहनीय परिणाम सामने आने शुरू हो गए हैं। सोमवार को हमीरपुर के निकट नेरी में ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान के परिसर में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कंवर ने बताया कि अभी तक प्रदेश भर में लगभग 18000 बेसहारा पशुओं को विभिन्न गोसदनों में पहुंचाया जा चुका है।
प्रत्येक पशु की बेहतर देखभाल के लिए 500-500 रुपये का प्रावधान भी किया गया है। ज्वालामुखी क्षेत्र में भी गो अभयारण्य, जबकि गसोता, लंबलू और जाहू में गो सदन की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश भी दिए। वीरेंद्र कंवर ने बताया कि आने वाले समय में गायों से केवल बछिया पैदा करने का टीका सब्सिडी पर उपलब्ध करवाने के बारे में सरकार जल्द ही निर्णय लेगी।
कृषि विभाग विभिन्न फसलों के बीज बाहरी प्रदेशों से मंगवाने के बजाय हिमाचल में ही बीज तैयार करने पर विचार कर रहा है और इसमें विपणन बोर्ड का सहयोग भी लिया जाएगा। ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान की चर्चा करते हुए वीरेंद्र कंवर ने कहा कि भारतीय परंपराओं, जीवन मूल्यों और प्राचीन इतिहास पर शोध की दिशा में यह संस्थान बहुत ही सराहनीय कार्य कर रहा है। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक चेतराम गर्ग, भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोमदेव शर्मा, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, एसडीएम डॉ. चिरंजी लाल चौहान उपस्थित रहे।
नेरी का सौंदर्यीकरण करेगा वन विभाग: पठानिया
वनमंत्री राकेश पठानिया ने कहा है कि हमीरपुर के निकटवर्ती गांव नेरी और इसके आसपास के क्षेत्र में जल संरक्षण और भू-संरक्षण कार्यों के साथ-साथ इसके सौंदर्यीकरण के लिए वन विभाग ने एक व्यापक योजना तैयार की है। वन विभाग की योजना में नेरी के नाले का तटीकरण किया जाएगा तथा यहां चैक डैम और पुलियों के निर्माण के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा। वन विभाग की इस योजना के माध्यम से पूरे इलाके का सौंदर्यीकरण सुनिश्चित होगा और ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान में आने वाले शोधार्थियों को भी बेहतर वातावरण मिलेगा।