मजबूत संगठन का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नजर आ रहा है। संगठन में चुनाव नहीं बल्कि सीधे ताजपोशी की संस्कृति से कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। प्रदेश की कमान पिछले कई वर्षों से बिना चुनाव के अध्यक्ष बने नेता ही संभाल रहे हैं।
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चुनावों से ही कार्यकारिणी का गठन होना चाहिए।पूर्व सीएम ने प्रदेश सरकार को अनुभवहीन करार देते हुए कहा कि वह जयराम को सरकार चलाने की शुभकामनाएं देते हैं। ेेबशर्तेेे उनके अपने घर में ही बैठे विरोधी उनके पांव न खींचें।