पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि फंड की वजह से प्रदेश में सारे कांग्रेस प्रत्याशी हारे हैं। अगर राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव लड़ा जाना है तो संसाधन होने चाहिए। इस बार प्रत्याशियों को आर्थिक मदद नहीं मिली। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधा कि जिस तरह से केंद्र से लोन ले रहे हैं उससे प्रदेश ऋण के बोझ तले दब जाएगा।
कहा कि राहुल गांधी को अध्यक्ष पद का अनुभव है। उन्हें उसी पद पर बने रहना चाहिए। राहुल गांधी ने साफ दिल से इस्तीफा दिया है, मगर कार्यकारिणी ने स्वीकार नहीं किया है। हिमाचल में भाजपा की जीत की वजह हमारी अपनी कमियां हैं। कुछ जगहों पर सही प्रत्याशियों का चयन नहीं हुआ। भाजपा की जीत की वजह मुख्यमंत्री का करिश्मा नहीं है। कांग्रेस की कमियों की वजह से हमें हार मिली है। कांग्रेस संगठन में अब सही काम हो रहा है। अगर काम ठीक नहीं करते हैं तो बदलाव कर देना चाहिए।
अनिल शर्मा के राजनीतिक भविष्य पर पूछे सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह उनके घर का मामला है। पोता तो कांग्रेस में आ ही गया है, अगर अनिल को लगेगा कि कांग्रेस में आना चाहे तो स्वागत है, वो पहले भी हमारे मंत्री रह चुके है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि जिस तरह से जयराम सरकार केंद्र से लोन ले रही है उस हिसाब से जल्दी ही सरकार का दिवालिया हो जाएगा। अगर आम आदमी की सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी के लिए कर्जा ले रहे तो तर्कसंगत है मगर जब प्रशासनिक खर्चों के लिए कर्जा सरकार ले रही है वो सही नहीं है।
कौल सिंह ने कहा की प्रधानमंत्री मोदी वोटों की मार्केटिंग में माहिर हैं। कौल सिंह ने कहा की लोगों को लोक लुभावने नारे देकर वोट ले लिए। अब देखना है की आने वाले समय में वो कितने पूरे होते हैं। कौल सिंह ने कहा की प्रदेश में भाजपा की जीत मोदी लहर का परिणाम है न की जयराम सरकार की वजह। कौल सिंह ने कहा की जयराम सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष में एक भी जनकल्याण का काम नहीं किया है। प्रदेश को ऋण के नीचे दबाने का काम जयराम सरकार कर रही है।