पिताजी की यादें हमेशा हमें प्रेरित करती रहेंगी: विक्रमादित्य सिंह
वहीं लोक निर्माण मंत्री एवं पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह आपदा प्रभावित मंडी जिले के दाैरे के चलते राजीव भवन के हुए श्रद्धांजलि समारोह में नहीं पहुंच सके। विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'पिताजी को गुजरे हुए चार वर्ष हो गए, लेकिन उनकी यादें आज भी हमारे दिलों में ताजा हैं। एक राजनेता के रूप में, उन्होंने अपना जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। हिमाचल प्रदेश की जनता आज भी उन्हें याद करती है और भावुक होती है। मेरे लिए जीवन का उद्देश्य है कि मैं भी उनकी तरह लोगों की सेवा में अपना जीवन समर्पित करूं। पिताजी की यादें हमेशा हमें प्रेरित करती रहेंगी।'
राठौर, खाची और अन्य नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता, ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर, शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा, वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, पूर्व विधायक आदर्श सूद, चिरंजीव लाल कश्यप, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, अमित नंदा, यशपाल तनाईक आदि के अतिरिक्त विनीत गौतम, आनंद कौशल, मनोज कुमार, देवेंद्र बुशहरी, एसके सहगल ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
प्रतिभा सिंह भी करेंगी जल्द ही वह सराज क्षेत्र का दौरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व मंडी की पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश में भारी बारिश, बादल फटने व बाढ़ से आई आपदा बहुत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिला के सराज व करसोग क्षेत्र में हुआ है और प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर राहत कार्यों में जुटी है। आपदा इतनी बड़ी है कि करोड़ों की चल व अचल संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही कई जानें भी गई हैं। इस आपदा में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। उन्होंने करसोग का दौरा किया है और जल्द सराज क्षेत्र में जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को फौरी तौर पर जो भी राहत सामग्री चाहिए, उसे उन्हें उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाएगी।