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सीएम बोले, हाईकमान से नहीं की शिकायत, लेकिन मजबूर कर रहे सुक्खू

Fri, 16 Sep 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में विधानसभा चुनाव से एक साल पहले राज्य सरकार और प्रदेश कांग्रेस कमेटी में आपसी तालमेल गड़बड़ा गया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खुलकर कहा कि वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कामकाज से संतुष्ट नहीं।
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली उनकी समझ से बाहर है। सीएम ने कहा कि अभी तक उन्होंने पार्टी हाईकमान से इस बारे में कोई शिकायत नहीं की है लेकिन जिस तरह से सुक्खू पार्टी चला रहे हैं, उन्हें ऐसा करने के लिए वे मजबूर कर रहे हैं।

उन्हें अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में सीएम बोले कि सरकार और संगठन में कोई मेंटल गैप नहीं है लेकिन परफॉरमेंस गैप जरूर है। जो लोग ग्राम पंचायतों में मेंबर बनने लायक नहीं हैं, वे पीसीसी में सचिव बना दिए गए हैं। पीसीसी में जो नियुक्तियां की जा रही हैं, उनकी लिस्ट तक प्रदेश सरकार को आज तक नहीं दी गई।
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धड़ाधड़ सचिव बनाए जाने पर भड़के सीएम

सीएम ने वीरवार को सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू उनसे मिलने आए थे। उनसे बस खड़े-खड़े बात हुई। मैं दो दिन पहले बंजार गया था। बंजार के एक कार्यकर्ता को सचिव बना दिया गया।

उनके बड़े-बड़े कट आउट लगाए हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं में इस नियुक्ति को लेकर भारी नाराजगी है। कुल्लू जिले में एक ब्लॉक को तोड़कर दो बना दिए हैं। मेरा फर्ज है कि मैं उन्हें वस्तुस्थिति बताऊं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश कांग्र्रेस कमेटी में अंधाधुंध सचिवों की तैनाती की है।

इतने सचिव बनाने की क्या जरूरत है। इनमें कुछ तो काबिल हैं, लेकिन ज्यादातर संगठन के लिए उपयोगी नहीं। तीन सचिव तो उनके निर्वाचन क्षेत्र शिमला ग्रामीण में ही बना दिए गए हैं, जिसकी उन्हें कोई जानकारी ही नहीं थी। लेकिन मुझे उनसे कोई दिक्कत नहीं।
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रैलियों में भीड़ तक नहीं जुटा पा रहा संगठन

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : फाइल फोटो
उन्होंने कहा हम सभी चुने हुए प्रतिनिधि हैं कम से कम हमें विश्वास में लेना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांगड़ा और मंडी के कई संगठनात्मक जिले बनाए गए हैं। यह सही नहीं हैं। मुख्यमंत्री बोले कि संगठन की तरफ से अब तक कोई बड़ी रैली नहीं हुई।

जो रैली हम कराते हैं उसमें जितनी भी भीड़ जुटती है उसमें संगठन का प्रयास नहीं दिखता। संगठन की परफॉरमेंस दिखनी चाहिए। मैं अपना काम करता रहूंगा, क्योंकि पार्टी में काम हमको करना है।

पत्रकारों ने पूछा- दिक्कत है तो आप पार्टी अध्यक्ष को बदलना क्यों नहीं चाहते? सीएम ने कहा मैं उन्हें समय देना चाहता हूं। मैं तब तक शिकायत नहीं करूंगा जब तक मुझसे पूछा नहीं जाता।  

हिमाचल मंत्रिमंडल में नहीं होगा कोई बदलाव
पत्रकारों ने पूछा-चुनाव को एक साल रह गया है क्या आप नए मंत्री बनाएंगे? मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। उन्होंने हंसते हुए कहा कि वे राजनीतिक शांति बनाए रखना चाहते हैं और कोई पिंडोरा बॉक्स नहीं खोलना चाहते। 
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