मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्टेट जीएसटी विधेयक सदन में रखने के बाद जैसे ही बैठने लगे उनकी टोपी गिर गई। टोपी उठाने के लिए सीएम नीचे टेबल के नीचे झुके। तभी विधानसभा के एक कर्मचारी ने उनकी आटोमेटिक टेबल लिफ्ट को नीचे करने वाला बटन दबा दिया। स्वचलित प्रणाली चालू होते ही टेबल नीचे हुआ और झुके हुए मुख्यमंत्री की गर्दन से टकरा गया।
हाईटेक प्रणाली में मानवीय भूल बड़े हादसे का सबब बन सकती थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने टोपी संभालते हुए माहौल को नार्मल किया। मुख्यमंत्री ने खुद को संभालकर हंसते हुए कहा कि मेरा कत्लेआम हो रहा था। उनके ऐसा बोलते ही नर्वस दिख रहा कर्मचारी और सदन में बैठे सदस्यों ने जोर से ठहाका लगा दिया।
मुख्यमंत्री और उनके हाईटेक टेबल के बीच सदन शुरू होते ही खटपट शुरू हो गई थी। मुख्यमंत्री जीएसटी विधेयक पटल पर रखने के लिए खड़े हुए तो अपनी सहूलियत के लिए उन्होंने टेबल को लिफ्ट करवाया। बोलना शुरू करते ही टेबल की ऊंचाई उनको ठीक नहीं लगी। उन्होंने कर्मचारी से बोला कि इसे थोड़ा नीचे करो।
ऑटोमेटिक प्रणाली से अंजान कर्मचारी ने बगल में लगा बटन दबाया तो टेबल फिर से नीचे बैठ गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आधा नीचे नहीं हो सकता है। वहां एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि सर पूरा ही नीचे बैठेगा। तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि अच्छा बीच का नहीं है।
विपक्ष की ओर देखते हुए उन्होंने देखते हुए कहा कि यहां बीच वाला सिस्टम नहीं है। सब सदस्य मुख्यमंत्री के सेंस ऑफ ह्यूमर से खुद को हंसने से रोक नहीं पाए। कर्मचारी ने दोबारा मेज को ऊंचा कर दिया। पूरा संबोधन खत्म होने के बाद सीएम बैठने लगे तो टेबल से टकराकर उनकी टोपी गिर गई।