सुक्खू ने कांगड़ा और मंडी में कांग्रेस के चार नए जिले बनाए तो इसके लिए भी सुक्खू वीरभद्र के निशाने पर रहे। वीरभद्र विधानसभा चुनाव से पहले भी सुक्खू को हटाने का अभियान चलाते रहे। राहुल गांधी से मिलकर भी वह दबाव बनाते रहे, मगर सुक्खू नहीं हटे।
पिछले दिनों जब वीरभद्र सिंह ने कांगड़ा से सुधीर शर्मा और हमीरपुर से राजेंद्र राणा के बेटे को कांग्रेस का संभावित प्रत्याशी होने के संकेत दिए तो खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तक ने वीरभद्र सिंह पर चुटकी की थी कि उनकी हाईकमान नहीं सुन रहा, वह पहले सुक्खू को तो बदल लें। अब लोकसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस की जीत के नए समीकरण बनाने को उन्होंने सुक्खू को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा ही लिया है।
कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर वीरभद्र के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए उनके साथ महासचिव रह चुके हैं। वह सत महाजन, विद्या स्टोक्स, विप्लव ठाकुर और कौल सिंह ठाकुर के अध्यक्ष रहते उनके साथ भी महासचिव रहे हैं। हालांकि, राठौर के वीरभद्र सिंह के साथ अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। वीरभद्र सरकार को राठौर भी कई मुद्दों पर घेर चुके हैं। अब देखना होगा कि वह कैसे सियासी संतुलन साधते हैं।