मंच पर जो पोस्टर लगाया था, उसमें वीरभद्र सिंह, मुकेश अग्निहोत्री जैसे कांग्र्रेस नेताओं के अलावा आशा कुमारी का भी फोटो लगा था। इसमें भी सुक्खू नहीं थे। यह जरूर है कि उनका फोटो मंच के नीचे लगाए गए एक पोस्टर मेें लगा था।
पार्टी कार्यालय में भी सुक्खू का पोस्टर गायब था। बेशक वह निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष संबोधित किए जा रहे थे। कांग्रेस कार्यालय में दो गुटों की झड़प के बावजूद राठौर ने सुक्खू को नसीहत दी, जबकि वह
वीरभद्र गुट के इस घटना में शामिल होने के बावजूद खामोश रहे। सुक्खू के समर्थक राजीव राणा चोटिल होने के बावजूद उनके नारे लगाकर उनके पक्ष सहानुभूति बटोरते नजर आए।