इससे पहले ही मोदी लहर के बीच लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का हिमाचल में अपनी सरकार रहते चारों सीटों पर सूपड़ा साफ हो गया था। अब मोदी मैजिक को धूमिल मान रहे प्रदेश कांग्रेस नेता जहां आगामी लोकसभा चुनाव में चारों सीटें फतह कर लेने की बातें कर रहे हैं, वहीं खुद खतरनाक गुटबाजी में ही धंसे हुए हैं।
कांग्रेस के ये नेता भाजपा से ज्यादा अपनों पर न केवल कीचड़ ही उछालते आए हैं, बल्कि वीरवार को तो लहूलुहान करने को उतारू हो गए हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस इस लड़ाई मेें भाजपा की चिंता को ही कम कर रही है।
कांग्रेस पार्टी के अंदर इस तरह घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। सात साल पहले कांग्रेस प्रभारी चौधरी बीरेंद्र सिंह के खिलाफ कांग्रेस के एक गुट के युवा नेता कांग्रेस कार्यालय के बाहर ही नारेबाजी करते रहे।
बाद में निष्कासित भी हुए। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर के साथ भी कांग्रेस का एक खेमा धक्कामुक्की कर चुका है। कांग्रेस के केंद्रीय नेता आनंद शर्मा के साथ भी झड़प हो चुकी है।