सीबीआई का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच के दौरान उनकी संपत्ति घोषित आय से 192 फीसदी अधिक पाई गई थी।
जांच एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं 109, 465, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2), उपधारा 13(1)(ई) के प्रावधानों के तहत 500 पेज की चार्जशीट तीन अप्रैल 2017 को दाखिल की थी। उसने चार्जशीट में 225 गवाहों व 442 दस्तावेज का हवाला दिया था।
सीबीआई ने 23 सितंबर 2016 को वीरभद्र, प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान और एक सहयोगी चुन्नी लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पांच नवंबर 2016 को वीरभद्र सिंह की याचिका हिमाचल प्रदेश से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दी थी।