मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू पुसापति से भेंट कर शिमला के लिए हवाई सेवाएं जल्द शुरू करने सहित राज्य हित के कई अन्य मामलों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष तौर पर शिमला के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने का मामला उठाते हुए कहा कि इस बारे में कई बार आग्रह किया जा चुका है, लेकिन भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया है।
शिमला हवाई अड्डे का निर्माण 1987 में किया गया था और विभिन्न हवाई सेवाएं जैसे वायुदूत, जैक्सन, एयर डेकन और किंगफिशर सितंबर 2012 तक नियमित तौर पर यहां उड़ानें भरती रहीं। एयरपोर्ट प्राधिकरण की ओर प्रदेश की राजधानी को हवाई सेवा शुरू करने की इजाजत नहीं देने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला हवाई अड्डे को चौड़ा करने का कार्य पूरा किया जा चुका है और अब यहां एटीआर-72 विमान को उतारने की सुविधा उपलब्ध है।
सीएम वीरभद्र सिंह ने गग्गल और कुल्लू हवाई अड्डों के सुदृढ़ीकरण का मामला भी उठाया और केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि राज्य सरकार न्यूनतम ईंधन की सुविधा उपलब्ध करवा रही है और नागरिक उड्डयन ईंधन पर केवल एक प्रतिशत वैट वसूल किया जा रहा है, जो देश में सबसे कम है। उन्होंने केंद्र से उत्तर पूर्व की तर्ज पर हवाई सेवाओं का किराया कम करने का भी आग्रह किया।
स्वदेश दर्शन योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की एक परियोजना केंद्र सरकार को सौंपी गई है। इस प्रस्ताव पर शीघ्र विचार किया जाए, जिससे योजना के तहत राज्य को धनराशि मिल सके। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष आरके श्रीवास्तव ने बैठक में बताया कि प्रदेश में हवाई सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं।
नागरिक उड्डयन सचिव आरएन चौबे ने कहा कि मंत्रालय क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना को शीघ्र आरंभ करने का प्रयास कर रही है, जिससे देश के लोगों को बेहतर और सस्ती हवाई सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस योजना के तहत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार टीजी नेगी, नई दिल्ली स्थित आवासीय आयुक्त एपी सिंह आदि भी बैठक में उपस्थित थे।
शीघ्र उड़ानें शुरू करने की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजापति राजू पूसापति ने हवाई अड्डा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों को शीघ्र अधिसूचित होने वाली क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत शिमला को शीघ्र उड़ाने शुरू करने की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि देश के लोगों के हित में बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए किसी भी राज्य के साथ कोई भी भेदभाव नहीं किया जाएगा।