लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को संगठित होने की जरूरत है। इसके अलावा सम्मेलन में एक और प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें हिमाचल की चारों सीटें जीतने का संकल्प लिया गया।
साथ ही संकल्प लिया गया कि लोकसभा चुनाव में जिस भी प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाया जाएगा, सभी उसका समर्थन करेंगे। दोनों प्रस्ताव राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के भेजे जाएंगे।
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि एक ही जिले में चार जिले बनाने से पार्टी की एकता भंग होती है। पहले यह कदम गलत उठाया गया था। जिलों के टुकड़े टुकड़े करना बुद्धिमता नहीं है।
मैं हर जिले में जाकर पार्टी को लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत और संगठित करूंगा। मैं अब मागदर्शक बनकर काम करूंगा। गुटबाजी पर उन्होंने कहा कि अधिकांश पार्टी का बहुमत एकसाथ है। हमारा लक्ष्य अब लोकसभा चुनाव में चारों सीटें जीतना है।
प्रश्न के जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि सुक्खू को हटाना बड़ा मुद्दा नहीं है। सुक्खू के हटाने वाला मैं कोई नहीं होता हूं। हटाने वाले तो कार्यकर्ता होते हैं। सुक्खू मेरा व्यक्तिगत नुकसान नहीं कर रहे न ही कर सकते हैं। चुनाव में मैं पार्टी का प्रचार करूंगा।
हमीरपुर जिले में गार्ड आफ आनर के विवाद पर वीरभद्र ने कहा कि मैं पूर्व सीएम हूं। मैं जहां भी रहता हूं, वहां मुझे गार्द मिलती है। गार्द द्वारा गार्ड आफ आनर देना कोई जुर्म नहीं बल्कि उनका फर्ज है। पुलिस ने कोई अपराध नहीं किया। भाजपा की सोच बहुत कम है।
कांगड़ा में अनौपचारिक वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा किज वह लीकसभा का चुनाव नहीं लडें़गे। हाईमान यदि उन्हें यह कहती है कि दोबारा मुख्यमंत्री पद पर चुनाव लड़ों तो भी वह नहीं लड़ेंगे। पार्टी हाईकमान उन्हें जो भी जिम्मेवारी सौंपेगा उसे वह बखूबी निभाएंगे।
हमीरपुर लोस सीट से कांग्रेस की तरफ से महाबली ही उतारा जाएगा। कांग्रेस के धर्मशाला में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री सहित कांगड़ा जिला से पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, चंद्र कुुमार, पवन काजल, आशीष
बुटेल, जगजीवन पाल, जगदीश सपेहिया, संजय रत्न, यादवेंद्र गोमा, केवल सिंह पठानिया, अजय महाजन, बोधराज, चंबा जिला से कुलदीप पठानिया, नीरज नैय्यर, सुरेश भारद्वाज और ठाकुर सिंह भरमौरी आदि मौजूद रहे।
लंबे समय तक ठंडी पड़ी कांग्रेस की सियासत में अचानक उबाल आ रहा है। धर्मशाला में कांग्रेस सम्मेलन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शनिवार देर शाम करीब सवा छह बजे पूर्व मंत्री जीएस बाली के घर पहुंच गए।
वे यहां करीब एक घंटा तक रुके। सूत्र बताते हैं कि इस मुलाकात में कई गिले शिकवों पर सियासी चर्चा हुई। इस मौके पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, राजेंद्र राणा, कुलदीप पठानिया और आशीष बुटेल भी मौजूद रहे।
उधर, वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह बाली का हाल जानने आए थे। लोग उनके और बाली के संबंधों के बारे में क्या कहते हैं उन्हें नहीं पता। उन्हें सिर्फ इतना पता है कि बाली के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते हैं।