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Shimla News: स्वाइन फ्लू के खतरे से वायरल पीड़ित डरे, आईजीएमसी की ओपीडी में कतारें

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अस्पताल आने वाले अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित, चिकित्सकों ने दी न घबराने की सलाह
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वायरल के मामलों को चिकित्सकों ने सामान्य बताया

वायरल से पीड़ित गंभीर रोगियों करना पड़ रहा भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हरियाणा और पंजाब में स्वाइन फ्लू के खतरे के बीच हिमाचल में वायरल से पीड़ित मरीज डरे हुए हैं। अचानक अस्पतालों की ओपीडी में वायरल पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है।
हालांकि इन मरीजों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण नजर नहीं हैं, लेकिन स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद मरीज वायरल को भी गंभीरता से ले रहे हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में भी सोमवार को ओपीडी में वायरल पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। ओपीडी के बाहर दिनभर मरीज लंबी कतारों में लगे रहे। अस्पताल में अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। एहतियात के तौर पर मरीजों के टेस्ट भी करवाए जा रहे हैं।
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आईजीएमसी की मेडिसिन वार्ड में सभी बिस्तर फुल हैं। यही हाल रहा तो वार्ड में भी दिक्कतें आनी शुरू हो जाएंगी। दूसरी ओर, वायरल से ग्रसित कई मरीजों में बुखार 103 डिग्री तक पहुंच रहा है और ठीक होने में भी एक सप्ताह लग रहा है। चिकित्सकों ने मरीजों को न घबराने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार, वर्तमान में सामान्य वायरल के मामले सामने आ रहे हैं। वायरल से पीड़ित रोगियों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। रोगियों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जा रहा है, ताकि उनका समय पर उपचार हो सके और वह जल्द स्वस्थ हों।


डीडीयू में भी यही हालत
जोनल अस्पताल डीडीयू में भी वायरल के मामले बढ़े हैं। यहां ओपीडी में 70 से 80 मरीज वायरल के उपचार के लिए आ रहे हैं। एहतियात के तौर पर मरीजों के टेस्ट भी करवाए जा रहे हैं, ताकि सही स्थिति का पता लगाया जा सके और समय पर गंभीर बीमारी की पहचान हो सके।


स्वाइन फ्लू के लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना खांसी और गले में खराश नाक बहना या बंद होना शरीर और सिर में दर्द, कमजोरी कुछ मामलों में उल्टी और दस्त इनसेट


स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है
संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों से संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से भीड़-भाड़ वाले स्थानों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है हाथों की साफ-सफाई न रखने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है

स्वाइन फ्लू से बचाव
खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें और मास्क पहनें हाथों को साबुन से बार-बार धोएं संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें बीमार होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें कोट...
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वायरल संक्रमण के मामले बढ़े
अस्पताल में बरसात के दौरान जुकाम, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है। लोगों से आग्रह है कि वह वायरल से बचाव करें। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों को तुरंत बदल लें। बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें। अफवाहों पर ध्यान न दें और वायरल के लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
-डॉ. राहुल राव, चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
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