हिमाचल सरकार ने एंबुलेंस चला रही कंपनी जीवीके ईएमआरआई को दो टूक कहा है कि वह या तो राज्य में अपनी सेवाएं दे या हिमाचल छोड़ दे। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने मंगलवार को कहा - हमारे पास एंबुलेंस चलाने के और भी रास्ते हैं।
अगर कंपनी ठीक से एंबुलेंस सेवाएं नहीं दे पा रही है तो हम अन्य कंपनियों की भी सेवाएं ले सकते हैं। सरकार चाहे तो समय से पहले ही इस कंपनी के साथ साइन किए गए एमओयू को खत्म कर सकती है। मगर इससे पहले ही खुद यह कंपनी हिमाचल छोड़ दे तो अच्छा रहेगा।
मंगलवार को प्रदेश विधानसभा परिसर में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा के लिए राज्य सरकार से पैसे की कोई कमी नहीं है। बावजूद इसके एंबुलेंस सेवा विधिवत तरीके से नहीं चल रही है। इसका आम लोगों को नुकसान हो रहा है।
सरकार इसे सहन नहीं करेगी। बार-बार कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। हिमाचल में कई और एजेंसियां भी इस सेवा को देने के लिए तैयार हैं। अगर मौजूदा कंपनी सेवाएं नहीं दे पा रही है तो इसका सरकार कड़ा संज्ञान लेगी। आगामी दिनों में इस बारे में ठोस कदम उठाए जाएंगे।