पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार
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भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार में तालमेल नहीं है। मंत्री और मुख्यमंत्री में एक्सीडेंट हो रहे हैं। कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन चौहान शिक्षा विभाग में अस्थायी शिक्षकों की बात करते हैं, वहीं अगले दिन मुख्यमंत्री इसे लेकर स्पष्टीकरण दे रहे हैं कि पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से भर्ती होगी। कांग्रेस सरकार युवाओं की योग्यता का गला घोंट रही है। यही सुक्खू सरकार का दृष्टिकोण व व्यवस्था परिवर्तन है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नगर निगम में काबिज हो रही है। इसके बाद प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बनेगी। इसे लेकर कई विधायक संपर्क में हैं। कितने हैं, मौका आने पर इसका भी खुलासा होगा।
परमार ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस पार्टी नगर निगम के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस गारंटियों को पूरा तो कर नहीं पा रही है। कांग्रेस के दिग्गज कह रहे हैं कि कांग्रेस में उनका गला घुट रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नगर निगम में भी फिर से बहुमत से काबिज होगी और प्रदेश में भी उनकी सत्ता लौटेगी। शिमला में ज्यादा समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन यहां हिल्स क्वीन में जो काम होना चाहिए था नहीं हुआ। स्मार्ट सिटी पीएम और जयराम ठाकुर की देन है। पर्वतमाला और पानी की योजना बीजेपी लेकर आई हैं। पांच लाख रोजगार देने की बात करने वालों ने व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर कोरोना काल में सेवाएं देने वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस ने राजधर्म की धज्जियां उड़ाई हैं।
अपने विवेक से जनहित के फैसले मुख्यमंत्री : सत्ती
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व मंत्री व विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर, प्रदेश महामंत्री व विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने ही बुने हुए जाल में उलझकर रह गई है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कहने को तो सरकार के मुखिया सुखविंद्र सिंह सुक्खू हैं, लेकिन फैसले मंत्री ले रहे हैं। समझ नहीं आ रहा कि सरकार मुख्यमंत्री चला रहे हैं या मंत्री। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री सुक्खू को सलाह देते हुए कहा कि वह अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए जनहित के फैसले लें। अन्यथा इस प्रकार के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि दो दिन पहले प्रदेश सरकार के मंत्री का बयान सामने आया कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों की अस्थायी नियुक्तियां की जाएंगी, किसी प्रकार का कोई साक्षात्कार भी नहीं होगा और अगले ही दिन मुख्यमंत्री इस बयान का खंडन करते हुए लीपापोती का काम कर रहे हैं जिससे साफ जाहिर होता है कि मुख्यमंत्री और इनके मंत्रिमंडल में आपसी तालमेल बिल्कुल भी नहीं है।