इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं पर लात-घूंसे और डंडे भी बरसाए। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस झड़प में एबीवीपी के तीन से चार कार्यकर्ताओं को चोटें लगी हैं। धक्कामुक्की के दौरान कुछ पुलिस जवान भी चोटिल हो गए। जब भीड़ शांत नहीं हुई तो पुलिस कुछ कार्यकर्ताओं को वहां से उठाकर पंचायत भवन ले गए। करीब डेढ घंटे तक जोरावर स्टेडियम के गेट पर माहौल तनाव पूर्ण रहा।
दोपहर बाद करीब 12:55 पर भारी संख्या में एबीवीपी के मांगों को लेकर जोरावर स्टेडियम पहुंचे। पहले उन्होंने वहां सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को शांत करवाने की कोशिश की और स्टेडियम के भीतर जाने को कहा, लेकिन कार्यकर्ता नहीं मानें। कार्यकर्ताओं ने पूरी सड़क को जाम कर दिया था। इस कारण वहां से वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी। जैसे ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं को स्टेडियम के भीतर भेजना शुरू किया तो सभी विधानसभा परिसर जाने की मांग करने लगे।
कार्यकर्ताओं ने गेट के भीतर से पुलिस और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर काफी पुलिस जवान तैनात रहे। बैरिकेड्स की संख्या भी बढ़ा दी गई थी। अंत में एबीवीपी के कुछ पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए भीतर भेजा गया। इसके बाद से सड़क को करीब दो बजे के बाद बहाल करवाया गया। मौके पर एसपी कांगड़ा, एएसपी और डीएसपी भी मौजूद रहे।
मांगों को लेकर ओबीसी संघर्ष समिति ने निकाली रैली
वहीं धर्मशाला में मांगों को लेकर ओबीसी संघर्ष समिति के सदस्य बुधवार को फतेहपुर से रैली निकालते हुए जोरावर स्टेडियम पहुंचे। ओबीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सौरव कौंडल ने हिमाचल सरकार ने प्रदेश में 35 वर्षों में अभी तक ओबीसी समाज का आरक्षण लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ओबीसी वर्ग का आरक्षण लागू करे। उन्होंने जताया कि यदि इस विधानसभा सत्र में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो अगले विधानसभा सत्र में वह दो दिन सदन की कार्यवाही नहीं होने देंगे।