हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए जल गुणवत्ता निगरानी एवं सर्विलांस परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पेयजल स्रोतों और नल जल योजनाओं से मिलने वाले पानी की नियमित जांच, गुणवत्ता की निगरानी और आधुनिक परीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। अब गांवों में लोगों को फ्लोराइड, भारी धातुओं और जीवाणुओं से दूषित पानी पीने की आशंका कम होगी।
राज्य सरकार की प्राथमिकता हर ग्रामीण परिवार तक केवल नल का पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराना है। केंद्र से मिली इस स्वीकृति से जल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी। लोगों को स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित किया जा सकेगा। - मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री