केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के टेक्नोलॉजी इंटरवेंशन फार माउंटेन ईको सिस्टम : लाइवलीहुड इनहैंसमेंट थ्रू एक्शन रिसर्च एंड नेटवर्किंग (टाइम-लर्न) प्रोग्राम की सालाना सामूहिक निगरानी कार्यशाला के दूसरे व अंतिम दिन चर्चा के दौरान टाइम के चेयरमैन और जीबीपीयूएटी के वीसी डॉ. तेज प्रताप,
डब्ल्यूआईआई देहरादून की डॉ. रुचि बडोला, जीबीपीआईएचईडी श्रीनगर के डॉ. आरके मैखुरी, हिमकास्ट के सदस्य सचिव डॉ. कुनाल सत्यार्थी, एचआरजी के डॉ. लाल सिंह और डीएसपी के डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल ने भी विचार रखे।
टाइम लर्न के चेयरमैन डॉ. तेज प्रताप ने कहा कि नीतियों को समय समय पर रिवाइज करना बेहद जरूरी है। हिमाचल में बंदरों की समस्या का सीधा कारण है कि आज बंदरों और इंसानों दोनों की आबादी बढ़ी है।
ऐसे में अगर उन्हें संरक्षण देने और बचाने की बात की जाती है तो फिर मानव अपनी आबादी नियंत्रित करे। ऐसा नहीं है तो विभाग को बंदर न मारने की अपनी नीति पर पुनर्विचार करना होगा।
कहा कि रिवाइज करने के साथ ही किसी भी नई नीति को बनाने से पहले प्री पॉलिसी रिसर्च भी करना चाहिए ताकि लोगों के लिए बनाई जा रही नीतियों से लोगों को सही फायदा मिल सके।