ओकओवर में शिमला ग्रामीण के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।
इसी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपनी सीट बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए छोड़ेंगे। अब यह स्पष्ट हो गया है कि वीरभद्र के बेटे और युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह अपना पहला चुनाव शिमला ग्रामीण सीट से लड़ेंगे। शुक्रवार को अपने सरकारी आवास ओकओवर में शिमला ग्रामीण के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विक्रमादित्य का नाम पार्टी प्रत्याशी के तौर पर प्रस्तावित कर दिया।
उन्होंने चुटीले अंदाज में कार्यकर्ताओं से पूछा कि अब ठीक है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह एलान भी कर दिया कि मेरी इच्छा प्रदेश के किसी ऐसे विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की है जहां से आज तक कांग्रेस पार्टी कभी जीत न सकी हो। उन्होंने कहा कि जनता के रिस्पांस के आधार पर ही वे अपने लिए सीट का चयन करेंगे।
शिमला ग्रामीण के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप ये न सोचें कि मैं शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र छोड़ कर जा रहा हूं। इस क्षेत्र पर भी मेरा समान रूप से ध्यान रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की विकासात्मक नीतियों और कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन में कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है।
यही कारण है कि उनकी सरकार हमेशा कर्मचारियों के लिए प्रति सहानुभूति पूर्वक रवैया रखती आई है। इस अवसर पर युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव राकेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्य भी गिनाए
मुख्यमंत्री ने पिछले चार सालों में शिमला ग्रामीण क्षेत्र में किए विकास कार्य भी गिनाए। उन्होंने कहा कि घंडल में विधि विश्वविद्यालय के अलावा घणाहट्टी के नजदीक सोलह मील में एक कॉलेज और ललित कला महाविद्यालय भी खोला जा रहा है। इस क्षेत्र की 41 पंचायतों को लाभ पहुंचाने वाली 105 करोड़ लागत की घरोग-घंडल पेयजल योजना का कार्य भी इस वित्तीय वर्ष में पूरा होगा। इसके अलावा दुधालटी में एक विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज भी बनाई जा रही है।
वीरभद्र ने एक ही बार लड़ा शिमला ग्रामीण से चुनाव
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की परंपरागत सीट रोहड़ू रही है। पुनर्सीमांकन के बाद सीट आरक्षित होने से पिछला विधानसभा चुनाव उन्होंने शिमला ग्रामीण से लड़ा। इस बार शिमला ग्रामीण सीट वे अपने बेटे के लिए छोड़ेंगे। वीरभद्र सिंह के नई सीट से चुनाव लड़ने के एलान से भाजपा ही नहीं, कांग्रेस में भी खलबली मच गई है। राजनीतिक पंडितों ने कयास लगाना शुरू कर दिए हैं कि वीरभद्र सिंह किस सीट से चुनाव लड़ेंगे।
पिता की चिंता करें विक्रमादित्य: भाजपा
हमीरपुर जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा
- फोटो : File Photo
हमीरपुर जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और सांसद अनुराग ठाकुर की चिंता छोड़ कर अपने पिता की चिंता करें। भाजपा मीडिया प्रभारी ने विक्रमादित्य द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और सांसद अनुराग ठाकुर पर की गई टिपण्णीयों पर कड़ा ऐतराज जताया है।
अंकुश ने कहा कि समय बढने के साथ-साथ व्यक्ति समझदार होता है किंतु विक्रमादित्य दिन प्रतिदिन अपने मुख्यमंत्री पिता पर कसते कानूनी शिकंजे से मानसिक संतुलन खो रहे हैं। युकां अध्यक्ष आए दिन किसी न किसी माध्यम से धूमल और अनुराग ठाकुर पर उलटी सीधी टिपण्णीयां करते रहते हैं।
अपनी बचकाने हरकतों से विक्रमादित्य लोगों में हंसी के पात्र बन रहे हैं। विक्रमादित्य को सलाह देते हुए मीडिया प्रभारी ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों के दलदल में फंसे उनके मुख्यमंत्री पिता की कुर्सी किसी भी समय जा सकती है, जिसके लिए खुद वीरभद्र सिंह भी दिन रात परेशान हैं और आए दिन दिल्ली दौड़ रहे हैं।