हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि टिकट तय करने के लिए कोटा सिस्टम नहीं होना चाहिए। अभी तक इस नेता के कोटे, उस नेता के कोटे आदि से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट तय होते थे।
आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि होना ये चाहिए कि जनाधार वाले नेताओं को ही टिकट मिले। कांग्रेस के टिकट किसे देने हैं? ये मामला पार्टी हाईकमान देखेगा। प्रदेश में आगामी चुनाव में नये चेहरों को भी टिकट मिलने चाहिए।
विक्रमादित्य सिंह ने वीरवार को राजीव भवन शिमला में एक पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा है किराज्य सरकार की ओर से जो घोषणाएं किन्हीं कारणों से लागू नहीं हो पाई थीं। उन्हें लागू करने के लिए युवा कांग्रेस ने प्रयास किए हैं।
हिमाचल में कई निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें कांग्रेस पिछले 15 से 25 वर्षों से जीत नहीं पाई है। कुटलैहड़ की ही बात करें तो इस सीट पर 25 साल से कांग्रेस हारती आ रही है। ऐसे क्षेत्रों में नए चेहरों को टिकट दिए जाने चाहिए। पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में चुनकर आए प्रतिनिधियों को कांग्रेस पार्टी और युवा कांग्रेस में अधिक तरजीह दी जानी चाहिए।
पंचायतों में तैनात तकनीकी सहायकों के नियमितीकरण का मामला प्रदेश सरकार के समक्ष रखा जाएगा। नशाखोरी के खिलाफ युवा कांग्रेस एक मैराथन का आयोजन करेगी। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों के परिसरों में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। विक्रमादित्य सिंह ने उरि मामले में कहा कि मोदी सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।